​चमोली : जनपद में प्राकृतिक और मानवजनित आपदाओं की संवेदनशीलता को देखते हुए प्रशासन ने अपनी तैयारियों को धार देना शुरू कर दिया है। पुलिस अधीक्षक चमोली के दिशा-निर्देशन में बुधवार, 18 मार्च को जनपद की छह प्रमुख तहसीलों में एक साथ विशाल मॉक अभ्यास का आयोजन किया गया।

इस विशेष अभियान में आईटीबीपी (ITBP), एसडीआरएफ (SDRF), फायर सर्विस, तहसील प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने संयुक्त रूप से हिस्सा लिया। इस अभ्यास का मुख्य उद्देश्य भूकंप, भूस्खलन और वनाग्नि जैसी आपातकालीन स्थितियों में विभिन्न विभागों के बीच सूचनाओं के त्वरित आदान-प्रदान और बचाव कार्यों के तालमेल को परखना था।

​विभिन्न तहसीलों में अलग-अलग आपदा परिदृश्यों पर ड्रिल की गई, जिसमें थराली और नन्दानगर (घाट) में भूस्खलन, चमोली के टीएचडीसी परिसर में सुरंग धंसने, ज्योतिर्मठ में हिमस्खलन, गैरसैंण में वनाग्नि और कर्णप्रयाग में भूकंप जैसी स्थितियों से निपटने का जीवंत अभ्यास किया गया। प्रशासन का मानना है कि आगामी चारधाम यात्रा और मानसून सीजन के दृष्टिगत इस प्रकार के पूर्वाभ्यास से आपदा प्रतिक्रिया बल की कार्यक्षमता बढ़ेगी, जिससे भविष्य में जन-माल के नुकसान को न्यूनतम किया जा सकेगा। पुलिस प्रशासन ने रेडियो निरीक्षक और सभी थाना प्रभारियों को सूचना तंत्र को निरंतर सक्रिय रखने के निर्देश दिए हैं ताकि किसी भी वास्तविक आपदा के समय बिना विलंब के राहत कार्य शुरू किए जा सकें।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *