उत्तरकाशी। जनपद में मौसम पूरी तरह साफ हो गया है और तेज धूप खिलने से जनजीवन सामान्य होता नजर आ रहा है। खासकर उपला टकनौर क्षेत्र में मौसम खुलते ही चारों ओर बर्फ से ढकी पहाड़ियां चांदी की तरह चमकती दिखाई दे रही हैं, जिससे क्षेत्र का प्राकृतिक सौंदर्य और निखर गया है।

जनपद के गंगोत्री धाम और यमुनोत्री धाम सहित शीतकालीन प्रवास स्थल मुखवा और खरसाली के साथ-साथ हर्षिल व सुक्खी टॉप जैसे ऊंचाई वाले क्षेत्रों में हाल ही में अच्छी खासी बर्फबारी दर्ज की गई है।

बर्फबारी के बाद सीमा सड़क संगठन (BRO) द्वारा मुख्य मार्गों से बर्फ हटाने का कार्य लगातार जारी है, ताकि यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाया जा सके।

इस बर्फबारी का असर कृषि क्षेत्र पर भी सकारात्मक रूप से देखने को मिल रहा है। खासकर नगदी फसल सेब के उत्पादकों के लिए यह राहत भरी खबर है। उत्तरकाशी जिला प्रदेश में सेब उत्पादन के मामले में अग्रणी है, जहां गंगा और यमुना घाटियों में करीब 29 हजार मीट्रिक टन सेब का उत्पादन होता है।

सहायक उद्यान अधिकारी टी. एस. पुंडीर के अनुसार, इस बार की बर्फबारी से सेब की फसल को काफी लाभ मिलेगा। वर्तमान समय में अर्ली फ्लावरिंग का दौर रहता है, जिसमें ओलावृष्टि का खतरा बना रहता है। बर्फबारी के कारण पेड़ों को पर्याप्त नमी मिलेगी, जिससे फ्लावरिंग संतुलित होगी। उन्होंने बताया कि सामान्यतः 10 अप्रैल के बाद होने वाली फ्लावरिंग ही बेहतर फ्रूट सेटिंग के लिए अनुकूल मानी जाती है।

बर्फबारी और मौसम साफ होने के बाद जहां एक ओर प्राकृतिक सौंदर्य में बढ़ोतरी हुई है, वहीं दूसरी ओर किसानों के चेहरे पर भी राहत की झलक साफ दिखाई दे रही है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *