नई दिल्ली: भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने ऑटो-डेबिट (ई-मेंडेट) से जुड़े नियमों में अहम बदलाव करते हुए अब विदेशी (क्रॉस-बॉर्डर) ट्रांजैक्शन को भी इसके दायरे में शामिल कर लिया है। नए प्रावधानों के तहत किसी भी ऑटो-पेमेंट से पहले ग्राहकों को कम से कम 24 घंटे पहले नोटिफिकेशन दिया जाएगा, जिससे वे चाहें तो भुगतान रोक सकेंगे।

RBI के इस फैसले का उद्देश्य डिजिटल भुगतान को अधिक सुरक्षित और पारदर्शी बनाना है। अब तक यह नियम मुख्य रूप से घरेलू लेनदेन पर लागू थे, लेकिन नए बदलाव के बाद विदेशी सब्सक्रिप्शन और अन्य अंतरराष्ट्रीय आवर्ती भुगतानों पर भी यही व्यवस्था लागू होगी।

नए नियमों के अनुसार, ग्राहक को ऑटो-डेबिट से पहले भुगतान की पूरी जानकारी—राशि, तारीख और मर्चेंट—के साथ अलर्ट मिलेगा। यदि ग्राहक इस भुगतान को नहीं करना चाहता, तो वह समय रहते इसे रद्द या संशोधित कर सकता है।

सुरक्षा के लिहाज से RBI ने यह भी स्पष्ट किया है कि 15,000 रुपये तक के आवर्ती भुगतान बिना अतिरिक्त प्रमाणीकरण (OTP) के हो सकेंगे, जबकि इससे अधिक राशि के लिए अतिरिक्त सत्यापन अनिवार्य होगा। कुछ विशेष श्रेणियों जैसे बीमा, म्यूचुअल फंड और क्रेडिट कार्ड बिल भुगतान में यह सीमा अधिक हो सकती है। यह नियम UPI, डेबिट-क्रेडिट कार्ड और प्रीपेड वॉलेट के माध्यम से होने वाले सभी ऑटो-पेमेंट पर लागू होंगे।

विशेषज्ञों का मानना है कि इस कदम से अनचाहे ऑटो-डेबिट पर रोक लगेगी और उपभोक्ताओं को अपने खर्च पर बेहतर नियंत्रण मिलेगा। साथ ही, डिजिटल फ्रॉड के मामलों में भी कमी आने की उम्मीद है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *