बदरीनाथ : बदरीनाथ धाम के कपाट खुलने के बाद परंपरानुसार भगवान बद्रीविशाल की शालिग्राम मूर्ति पर शीतकाल में लपेटे गए घृत कंबल को विधि-विधान के साथ निकाला गया। इस दौरान प्राप्त संकेतों को तीर्थ पुरोहितों और रावल ने बेहद शुभ माना है।

जानकारी के अनुसार, जब मंदिर के कपाट शीतकाल के लिए बंद किए जाते हैं, तब भगवान की मूर्ति पर घी में डूबा विशेष कंबल ओढ़ाया जाता है। कपाट खुलने पर इसी घृत कंबल को हटाकर उसकी स्थिति देखी जाती है, जिसे वर्षभर के संकेतों से जोड़कर देखा जाता है।

इस बार भी घृत कंबल की स्थिति संतोषजनक पाई गई, जिसे अनुकूल मौसम और देश में सुख-समृद्धि का संकेत माना जा रहा है। मान्यता है कि यदि कंबल पर लगा घी सूखा न हो और सामान्य अवस्था में मिले, तो यह वर्ष भर अच्छी बारिश और खुशहाली का संकेत देता है।

धार्मिक परंपरा के अनुसार, यह घृत कंबल माणा गांव की महिलाओं द्वारा विशेष विधि से तैयार किया जाता है और इसे अत्यंत पवित्र प्रसाद माना जाता है। कपाट खुलने के बाद इसे श्रद्धालुओं में वितरित भी किया जाता है।

चारधाम यात्रा की शुरुआत के साथ ही बदरीनाथ धाम में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है और इस शुभ संकेत से भक्तों में खासा उत्साह देखा जा रहा है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *