नई दिल्ली:

राजधानी दिल्ली का जंतर-मंतर एक बार फिर राजनीतिक सरगर्मियों का केंद्र बना। देश में हाल ही में हुए पेपर लीक मामलों, बढ़ती बेरोजगारी और प्रशासनिक विफलताओं के खिलाफ ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ ने जंतर-मंतर पर एक विशाल विरोध प्रदर्शन का आयोजन किया। प्रदर्शन में भारी संख्या में युवा, छात्र और पार्टी कार्यकर्ता शामिल हुए, जिन्होंने सरकार विरोधी नारेबाजी की और पीड़ित छात्रों के लिए न्याय की मांग की।

​प्रदर्शनकारियों का कहना था कि बार-बार होने वाले पेपर लीक ने देश के करोड़ों युवाओं का भविष्य अंधकार में डाल दिया है। परीक्षा प्रणालियों में पारदर्शिता की कमी और भ्रष्टाचार के खिलाफ पार्टी ने सरकार से सख्त कदम उठाने और दोषियों को कड़ी सजा देने की मांग की है।

​यूट्यूब और सोशल मीडिया पर छाया रहा आंदोलन

​इस विरोध प्रदर्शन की सबसे खास बात यह रही कि जहां एक तरफ जंतर-मंतर पर जनसैलाब उमड़ा था, वहीं डिजिटल मीडिया और यूट्यूब पर यह खबर लगातार ट्रेंड करती रही। दर्जनों स्वतंत्र पत्रकारों, यूट्यूबरों और डिजिटल समाचार चैनलों ने जमीन पर उतरकर इस प्रदर्शन की लाइव कवरेज की, छात्रों के इंटरव्यू लिए और युवाओं के दर्द को जनता के सामने रखा। सोशल मीडिया पर इन वीडियो को लाखों की संख्या में व्यूज मिले और लोगों ने इस पर तीखी प्रतिक्रियाएं दीं।

एक तरफ जहां यूट्यूब और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर इस आंदोलन को लेकर भारी हलचल थी, वहीं दूसरी तरफ देश के प्रमुख टीवी न्यूज चैनलों पर इस बड़े प्रदर्शन को लेकर पूरी तरह सन्नाटा पसरा रहा।

​मुख्यधारा के टीवी मीडिया द्वारा इस महत्वपूर्ण छात्र आंदोलन और विपक्ष के प्रदर्शन को पूरी तरह नजरअंदाज किए जाने पर प्रदर्शनकारियों और सोशल मीडिया यूजर्स ने गहरा रोष व्यक्त किया।

​इंटरनेट पर भी यूजर्स ने टीवी चैनलों की इस अनदेखी की कड़ी आलोचना की और सोशल मीडिया पर एक बार फिर ‘गोदी मीडिया’ (Godi Media) शब्द ट्रेंड करने लगा

​आंदोलनकारियों का रुख

​ देश का युवा समझ चुका है कि उसकी लड़ाई में कौन उसके साथ खड़ा है। मुख्यधारा का मीडिया भले ही हमारी आवाज न दिखाए, लेकिन आज का युवा और स्वतंत्र डिजिटल मीडिया (यूट्यूबर्स) सच्चाई को घर-घर पहुंचाने की ताकत रखते हैं। यह आंदोलन तब तक जारी रहेगा जब तक पेपर लीक के दोषियों को सजा नहीं मिल जाती और युवाओं को न्याय नहीं मिलता।”

​फिलहाल, जंतर-मंतर पर हुआ यह प्रदर्शन इस बात का बड़ा उदाहरण बन गया है कि कैसे देश में सूचना के प्रवाह के लिए जनता अब पारंपरिक टीवी चैनलों के बजाय वैकल्पिक डिजिटल मीडिया और यूट्यूब पर अधिक भरोसा करने लगी है।

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