उत्तराखंड के खेल जगत से एक बेहद दुखद और स्तब्ध कर देने वाली खबर सामने आ रही है। भारतीय निशानेबाजी के ‘गोल्डन बॉय’ कहे जाने वाले और उत्तराखंड के मान-सम्मान, दिग्गज निशानेबाज व कोच जसपाल राणा का असामयिक निधन हो गया है। उनके निधन की खबर मिलते ही खेल प्रेमियों, उनके प्रशंसकों और पूरे प्रदेश में शोक की लहर दौड़ गई है।
निशानेबाजी के ‘गोल्डन बॉय’ का सफर
जसपाल राणा ने न केवल राष्ट्रीय बल्कि अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर भारत का परचम हमेशा बुलंद रखा। उत्तराखंड के मूल निवासी जसपाल राणा ने अपनी अचूक निशानेबाजी से देश को दर्जनों पदक दिलाए।
मुख्य उपलब्धियां: उन्होंने एशियाई खेलों (Asian Games), राष्ट्रमंडल खेलों (Commonwealth Games) और विश्व चैंपियनशिप में कई स्वर्ण पदक जीतकर देश का नाम रोशन किया।
द्रोणाचार्य पुरस्कार से सम्मानित: सक्रिय खेल से संन्यास लेने के बाद उन्होंने एक कोच के रूप में नई पीढ़ी को तराशा। उनकी कोचिंग के तहत देश ने कई विश्व स्तरीय निशानेबाज तैयार किए, जिसके लिए उन्हें खेल जगत के प्रतिष्ठित ‘द्रोणाचार्य पुरस्कार’ से भी नवाजा गया था।
खेल जगत और उत्तराखंड के लिए अपूरणीय क्षति
जसपाल राणा का जाना उत्तराखंड और भारतीय खेल जगत के लिए एक ऐसा शून्य छोड़ गया है, जिसे कभी भरा नहीं जा सकता। उन्होंने हमेशा उत्तराखंड में खेल और युवाओं को आगे बढ़ाने के लिए आवाज उठाई और कई उभरते हुए खिलाड़ियों के मार्गदर्शक बने।
शोक संदेश: उनके निधन पर उत्तराखंड के खेल मंत्रियों, प्रशासनिक अधिकारियों और देश-विदेश के दिग्गज एथलीटों ने गहरा दुख व्यक्त किया है। सोशल मीडिया पर खेल प्रेमियों द्वारा उन्हें नम आंखों से श्रद्धांजलि दी जा रही है। सभी का कहना है कि जसपाल राणा भले ही आज हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन खेल की दुनिया में उनके द्वारा स्थापित किए गए कीर्तिमान और उनकी सीख हमेशा युवाओं को प्रेरित करती रहेगी।
ईश्वर उनकी आत्मा को शांति प्रदान करे और उनके परिवार व प्रशंसकों को यह असीम दुख सहने की शक्ति दे। भावभीनी श्रद्धांजलि!
