लैंसडाउन : उत्तराखंड के ऐतिहासिक सैन्य नगर लैंसडाउन स्थित गढ़वाल राइफल्स रेजिमेंटल सेंटर में शुक्रवार को आयोजित भव्य पासिंग आउट परेड के साथ 258 अग्निवीर भारतीय थल सेना का हिस्सा बन गए। 24 सप्ताह के कठोर सैन्य प्रशिक्षण को सफलतापूर्वक पूरा करने के बाद इन जवानों ने राष्ट्र की संप्रभुता, अखंडता और सुरक्षा की रक्षा करने की शपथ ली।

भवानी दत्त परेड ग्राउंड में आयोजित इस गरिमामयी समारोह में परेड की कमान ब्रिगेडियर विनोद सिंह नेगी ने संभाली। उन्होंने परेड का निरीक्षण करते हुए नवसैनिकों को संबोधित किया और कहा कि गढ़वाल राइफल्स की वीरता, अनुशासन और बलिदान की गौरवशाली परंपरा को आगे बढ़ाना अब इन अग्निवीरों की जिम्मेदारी है। उन्होंने जवानों से हर परिस्थिति में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए रेजिमेंट की प्रतिष्ठा को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने का आह्वान किया।

प्रशिक्षण के दौरान अग्निवीरों को आधुनिक हथियारों के संचालन, फील्ड क्राफ्ट, सामरिक युद्ध कौशल, शारीरिक दक्षता, ड्रिल, फायरिंग, पर्वतीय युद्ध तकनीक, प्राथमिक चिकित्सा, सैन्य अनुशासन और नेतृत्व क्षमता का व्यापक प्रशिक्षण दिया गया। कठिन शारीरिक एवं मानसिक चुनौतियों से गुजरने के बाद सभी प्रशिक्षुओं ने अंतिम परीक्षा सफलतापूर्वक उत्तीर्ण की।

पासिंग आउट परेड के दौरान अग्निवीरों ने शानदार मार्च पास्ट और सैन्य अनुशासन का प्रदर्शन किया, जिसे उपस्थित सैन्य अधिकारियों, प्रशिक्षकों और परिजनों ने सराहा। समारोह के दौरान उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रशिक्षुओं को विभिन्न श्रेणियों में सम्मानित भी किया गया।

गढ़वाल राइफल्स भारतीय सेना की सबसे प्रतिष्ठित पैदल सेना रेजिमेंटों में से एक है, जिसने देश के विभिन्न युद्धों और सैन्य अभियानों में अद्वितीय वीरता का परिचय दिया है। इसी गौरवशाली विरासत का हिस्सा बनकर ये 258 अग्निवीर अब देश की विभिन्न सैन्य इकाइयों में अपनी सेवाएं देंगे और राष्ट्र की सुरक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

इस अवसर पर सैन्य अधिकारियों ने नवसैनिकों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए कहा कि राष्ट्र सेवा का यह संकल्प उनके जीवन का सबसे बड़ा सम्मान और उत्तरदायित्व है। समारोह देशभक्ति, अनुशासन और गौरव के माहौल में संपन्न हुआ।

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