पौड़ी : संस्कृत शिक्षा, जनगणना एवं कार्यक्रम क्रियान्वयन विभाग के सचिव दीपक कुमार ने विकास भवन सभागार में जिला स्तरीय अधिकारियों की बैठक लेकर शासन की प्राथमिकताओं एवं विभिन्न विकास योजनाओं की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने योजनाओं के समयबद्ध, गुणवत्तापूर्ण एवं परिणामपरक क्रियान्वयन पर बल देते हुए अधिकारियों को समन्वित कार्यप्रणाली अपनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ नवाचारी माध्यमों द्वारा अंतिम व्यक्ति तक पहुंचना शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
सचिव ने शासन के निर्देशानुसार सभी विभागों के कार्यालयों के नामपट्ट संस्कृत भाषा में भी अंकित कराने को कहा। उन्होंने अधिकारियों को जनता दरबार एवं चौपाल के दौरान संबंधित क्षेत्रों में रात्रि विश्राम करने की सलाह देते हुए कहा कि इससे क्षेत्र की वास्तविक परिस्थितियों और जनसमस्याओं को बेहतर ढंग से समझकर उनका प्रभावी समाधान किया जा सकेगा। उन्होंने अधिकारियों द्वारा अधीनस्थ कार्यालयों के नियमित निरीक्षण पर भी विशेष जोर दिया।
कृषि क्षेत्र की समीक्षा के दौरान सचिव ने कृषि यंत्रों, बीज वितरण एवं किसानों को दिए जा रहे प्रशिक्षण की जानकारी ली। उन्होंने कृषि, उद्यान, डेयरी, जलागम एवं मत्स्य विभागों के समन्वय से एकीकृत कृषि मॉडल विकसित करने के निर्देश देते हुए जुलाई तक तीन विकासखंडों में इसका मॉडल तैयार करने तथा सितंबर तक सभी विकासखंडों में इसे लागू करने की कार्ययोजना प्रस्तुत करने को कहा। उन्होंने वन पंचायतों को भी घेरबाड़ जैसे कार्यों में सहभागी बनाने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री घोषणाओं एवं मुख्यमंत्री हेल्पलाइन की समीक्षा करते हुए उन्होंने लंबित मामलों का नियमित अनुश्रवण करने तथा अधिक शिकायत वाले विभागों को शिकायतों का शीघ्र एवं प्रभावी निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन की समीक्षा में सचिव ने जनपद के शीर्ष-10 स्वयं सहायता समूहों की पहचान कर उत्कृष्ट कार्य कर रहे ‘लखपति दीदी’ समूहों को सम्मानित करने को कहा। पर्यटन क्षेत्र की समीक्षा के दौरान उन्होंने सतपुली झील परियोजना को शीघ्र पूर्ण कराने तथा स्यूंसी झील को भी उसी तर्ज पर विकसित करने के निर्देश दिए। साथ ही पर्यटन, होमस्टे एवं होटल व्यवसाय से जुड़े लंबित सब्सिडी प्रकरणों का बैंकों से समन्वय स्थापित कर शीघ्र निस्तारण सुनिश्चित करने को कहा।
बैठक में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत शिशु मृत्यु दर, मातृ मृत्यु दर एवं टीबी मुक्त अभियान की प्रगति की भी समीक्षा की गई। इसके अतिरिक्त लैंड होल्डिंग के सरलीकरण, कीवी, सेब एवं ड्रैगन फ्रूट मिशन, मत्स्य, लोक निर्माण विभाग, पीएमजीएसवाई, शिक्षा, युवा कल्याण सहित विभिन्न विभागों की योजनाओं की प्रगति का जायजा लेते हुए उन्होंने जनकल्याणकारी योजनाओं के व्यापक प्रचार-प्रसार के लिए नवाचारी उपाय अपनाने पर बल दिया।
साइबर अपराधों की रोकथाम को प्राथमिकता बताते हुए सचिव ने साइबर फ्रॉड एवं साइबर सुरक्षा के प्रति व्यापक जनजागरुकता अभियान चलाने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी विभागीय अधिकारियों के प्रशिक्षण, विद्यालयों एवं महाविद्यालयों में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने, साइबर हेल्पलाइन 1930 का व्यापक प्रचार-प्रसार करने तथा नशीली दवाओं की अवैध बिक्री करने वालों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा। साथ ही अन्य राज्यों से मादक पदार्थों की तस्करी रोकने के लिए बस अड्डों एवं रेलवे स्टेशनों पर नियमित निगरानी एवं सघन जांच अभियान चलाने के निर्देश दिए।
बैठक में सीडीओ अशोक जोशी, एडीएम एफ आर चौहान, पीडी डीआरडीए विवेक कुमार उपाध्याय, सीएमओ शिवमोहन शुक्ला, सीओ तपेश कुमार चंद, डीएसटीओ राम सलोने, सहायक निदेशक संस्कृत मनोज कुमार सिमल्टी, जिला शिक्षाधिकारी (माध्यमिक) रणजीत सिंह नेगी, मुख्य कृषि अधिकारी ऋतु कुकरेती जुयाल, अधिशासी अभियंता जल संस्थान टी एस रावत, जल निगम नवनीत कटारिया, विद्युत अभिनव रावत, पीएमजीएसवाई परशुराम चमोली, सिंचाई सचिन शर्मा, प्रभारी मत्स्य अधिकारी अभिषेक मिश्रा सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
