पौड़ी : आपदा से प्रभावी रूप से निपटने हेतु उसकी रोकथाम, पूर्व तैयारी तथा विभिन्न विभागों के मध्य समन्वित कार्यप्रणाली अत्यंत आवश्यक है। आपदा कोई पूर्व निर्धारित प्राकृतिक घटना नहीं होती, बल्कि यह कभी भी, कहीं भी तथा किसी भी स्वरूप में उत्पन्न हो सकती है। ऐसी परिस्थितियों में जनहानि एवं संपत्ति की क्षति को न्यूनतम करने के लिए सभी संबंधित विभागों का सदैव सतर्क एवं तैयार रहना आवश्यक है।

इसी क्रम में आज जनपद पौड़ी पुलिस द्वारा विभिन्न थाना क्षेत्रों में स्थानीय प्रशासन, आपदा प्रबंधन विभाग, स्वास्थ्य विभाग, अग्निशमन इकाई, ग्राम स्तरीय समितियों एवं अन्य संबंधित विभागों के सहयोग से आपदा प्रीवेंशन मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। मॉक ड्रिल के दौरान विभिन्न प्रकार के काल्पनिक आपदा परिदृश्यों का निर्माण कर आपदा की सूचना प्राप्त होने से लेकर राहत एवं बचाव कार्यों के संचालन तक की संपूर्ण प्रक्रिया का व्यवहारिक अभ्यास किया गया।

 

मॉक ड्रिल के अंतर्गत निम्नलिखित काल्पनिक आपदा परिदृश्यों पर अभ्यास किया गया—

🔹 थाना सतपुली क्षेत्र में डायल-112 पर सूचना प्राप्त हुई कि सतपुली मल्ली के समीप भूस्खलन (लैंडस्लाइड) होने से कई लोग प्रभावित क्षेत्र में फंसे हुए हैं। सूचना प्राप्त होते ही थाना सतपुली पुलिस, 108 आपातकालीन सेवा, आपदा नियंत्रण कक्ष एवं अन्य संबंधित विभागों को आवश्यक कार्यवाही हेतु सक्रिय किया गया तथा राहत एवं बचाव अभियान का अभ्यास किया गया।

🔹 गोवा बीच, श्रीनगर में आपदा प्रबंधन मॉक ड्रिल के अंतर्गत प्रभावित क्षेत्र में फंसे तीन व्यक्तियों को रेस्क्यू टीम द्वारा सफलतापूर्वक सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। रेस्क्यू के उपरांत सभी व्यक्तियों को मौके पर ही प्राथमिक उपचार उपलब्ध कराया गया तथा आवश्यक सुरक्षा उपाय सुनिश्चित किए गए।

🔹 थाना थलीसैंण क्षेत्र में बादल फटने की काल्पनिक घटना पर मॉक ड्रिल आयोजित की गई, जिसमें लगभग 20 से 25 व्यक्तियों के फंसे होने की स्थिति निर्मित की गई। सूचना मिलते ही थाना पुलिस, स्वास्थ्य विभाग, आपदा प्रबंधन टीम एवं अन्य संबंधित एजेंसियों द्वारा समन्वित राहत एवं बचाव कार्यों का अभ्यास किया गया।

🔹 कोटद्वार क्षेत्र में नगर निगम एवं संबंधित विभागों के सहयोग से सिंबलचौड़ पुल के नीचे बाढ़ आने की स्थिति के दौरान प्रभावित क्षेत्र से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने, राहत सामग्री उपलब्ध कराने एवं आवश्यक सहायता प्रदान करने की कार्यवाही का अभ्यास किया गया।

🔹 देवप्रयाग क्षेत्र में टिहरी बांध से अत्यधिक मात्रा में पानी छोड़े जाने की सूचना के आधार पर संगम घाट देवप्रयाग को खाली कराने तथा कुंडेश्वर घाट क्षेत्र में नदी के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए आमजन को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की कार्यवाही का अभ्यास किया गया। साथ ही पुलिस एवं प्रशासन द्वारा सार्वजनिक अनाउंसमेंट के माध्यम से लोगों को सतर्क करते हुए नदी तट से दूर रहने हेतु जागरूक किया गया।

मॉक ड्रिल के दौरान सभी संबंधित विभागों की टीमों द्वारा आपसी समन्वय स्थापित करते हुए त्वरित प्रतिक्रिया, राहत एवं बचाव कार्य, घायलों के उपचार, सुरक्षित निकासी, संचार व्यवस्था तथा आवश्यक संसाधनों के उपयोग का अभ्यास किया गया। मॉक ड्रिल का मुख्य उद्देश्य संभावित आपदा की स्थिति में विभिन्न विभागों के मध्य समन्वय को और अधिक सुदृढ़ बनाना, उपलब्ध संसाधनों की प्रभावशीलता का परीक्षण करना, त्वरित कार्यवाही की क्षमता को बढ़ाना तथा जनसुरक्षा उपायों को अधिक प्रभावी बनाना रहा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *