रुड़की : नगर निगम के पार्षदों ने आज जल संस्थान के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। पार्षदों का कहना है की टंकियों में गंदा पानी आ रहा है, जो पीने योग्य नहीं है। ऐसे में लोग अपनी दिनचर्या कैसे करें? यह चिंता उन्हें सताए जा रही है, लेकिन जल संस्थान का इस और कोई ध्यान नहीं है। आलम यह है कि जल संस्थान के अधिकारियों, कर्मचारियों द्वारा किसी भी स्तर पर समस्याओं के निराकरण में कोई दिलचस्पी नहीं दिखाई जा रही है।

आज नगर निगम रुड़की के पार्षद जल संस्थान के कार्यालय पर एकत्र हुए और जल संस्थान के अधिकारियों की हिला हवाली कार्यशैली को देखते हुए उनके खिलाफ प्रदर्शन किया तथा “जल संस्थान मुर्दाबाद” के नारे लगाए। पार्षदों का कहना है की टंकियां में गंदा पानी आ रहा है और उनकी साफ सफाई तक नहीं हो पा रही है। न ही इन कमियों को दूर किया जा रहा है। आलम यह है कि हर दूसरे दिन जल समस्यायों से पार्षदों और जनता को दो-चार होना पड़ रहा है। क्या पार्षद और जनता अब सिर्फ पानी की समस्या को लेकर विभाग के चक्कर काटने को मजबूर रहे? ऐसे अनेक मुद्दों पर समस्याओं को लेकर पार्षदों ने जल संस्थान के खिलाफ मोर्चा खोला।

पार्षदों ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि जल संस्थान ने समस्याओं के प्रति गंभीरता नहीं दिखाई और लोगों को राहत नहीं पहुंचाई, तो वह टैक्स लेने आने वाली टीम को बंधक बनाने को विवश होंगे और जब तक व्यवस्थाएं और समस्याओं का निराकरण नहीं होता, तब तक टैक्स नहीं दिया जाएगा। जल संस्थान हर वर्ष टैक्स में बढ़ोतरी तो कर रहा है, लेकिन अपनी नियमावली अनुसार 18 घंटे पानी के बजाय मात्र 3 घंटे ही पानी की सप्लाई दे रहा है, जबकि वह भी नियमित तरीके से नहीं आ रही है। ऐसे में जनता अपनी दिनचर्या को कैसे पूरा करें, यह उनके लिए एक बड़ा सवाल बनकर रह गई है। पार्षदों में पंकज सतीजा, चारु चंद्र, ताहिर, चंद्र प्रकाश बाटा, प्रमोद पाल आदि ने आक्रोशित होकर अधिकारियों की कार्यशैली का जमकर विरोध किया।

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