देहरादून : उत्तराखंड में मानसून पूरी तरह सक्रिय है और लगातार हो रही बारिश ने जनजीवन को प्रभावित करना शुरू कर दिया है। मौसम विज्ञान केंद्र, देहरादून ने गुरुवार को राज्य के पांच जिलों में कहीं-कहीं भारी से बहुत भारी वर्षा की संभावना जताते हुए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। वहीं शेष आठ जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि कई स्थानों पर गरज-चमक के साथ तेज बारिश, बिजली गिरने तथा भूस्खलन की घटनाएं हो सकती हैं।

पांच जिलों में ऑरेंज अलर्ट

मौसम विभाग के अनुसार गुरुवार को देहरादून, हरिद्वार, ऊधम सिंह नगर, नैनीताल और चंपावत जिलों में कहीं-कहीं भारी से बहुत भारी वर्षा होने की संभावना है। इसके अलावा राज्य के अन्य जिलों में भी भारी बारिश के आसार हैं। विभाग ने बताया कि 10 जुलाई के लिए भी इन पांच जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है, जबकि 14 जुलाई तक पूरे प्रदेश में रुक-रुक कर वर्षा का सिलसिला जारी रहने का पूर्वानुमान है।

भूस्खलन और बिजली गिरने की चेतावनी

लगातार हो रही बारिश को देखते हुए मौसम विभाग ने संवेदनशील क्षेत्रों में मध्यम स्तर के भूस्खलन, चट्टानें गिरने और सड़कों के कटाव की आशंका जताई है। पर्वतीय मार्गों पर आवागमन प्रभावित हो सकता है। लोगों से खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने और नदी-नालों से दूर रहने की अपील की गई है।

कई जिलों में स्कूल और आंगनबाड़ी केंद्र बंद

भारी बारिश के अलर्ट को देखते हुए प्रशासन ने एहतियातन कई जिलों में शिक्षण संस्थानों को बंद रखने का निर्णय लिया है। अल्मोड़ा में कक्षा 1 से 12 तक के सभी सरकारी, सहायता प्राप्त, निजी विद्यालयों तथा आंगनबाड़ी केंद्रों में अवकाश घोषित किया गया है। इसके अलावा देहरादून, नैनीताल, ऊधम सिंह नगर और पिथौरागढ़ में भी स्कूलों एवं आंगनबाड़ी केंद्रों में छुट्टी घोषित की गई है।

मसूरी में गिरा सौ साल पुराना पेड़, बड़ा हादसा टला

लगातार बारिश के बीच मसूरी के अपर माल रोड स्थित बेकरी हिल क्षेत्र में बुधवार को लगभग 100 वर्ष पुराना विशाल खाखसी प्रजाति का पेड़ अचानक सड़क पर गिर गया। पेड़ की चपेट में एक कार और सड़क किनारे खड़ी तीन स्कूटी आ गईं। गनीमत रही कि घटना के समय किसी भी वाहन में कोई व्यक्ति मौजूद नहीं था, जिससे बड़ा हादसा टल गया।

पेड़ गिरने से अपर माल रोड पर यातायात पूरी तरह बाधित हो गया और दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। सूचना मिलते ही मसूरी पुलिस, फायर सर्विस और वन विभाग की संयुक्त टीम मौके पर पहुंची। कटर मशीनों की सहायता से पेड़ को कई हिस्सों में काटकर लगभग एक घंटे की मशक्कत के बाद सड़क से हटाया गया, जिसके बाद यातायात सामान्य हो सका।

वन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि लगातार बारिश के कारण पुराने और बड़े पेड़ों के गिरने का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे संवेदनशील पेड़ों की पहचान कर उनकी शाखाओं की छंटाई और आवश्यक होने पर उन्हें हटाने की प्रक्रिया जारी है।

उत्तरकाशी में भूस्खलन से राजमार्ग प्रभावित

उत्तरकाशी जिले में भी लगातार वर्षा से हालात चुनौतीपूर्ण बने हुए हैं। गंगोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग नालूपानी के पास भारी मलबा और बोल्डर आने से कुछ समय के लिए बंद हो गया, जबकि यमुनोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग स्यानाचट्टी के समीप भूस्खलन के कारण अवरुद्ध हो गया। संबंधित विभागों ने जेसीबी मशीनों की मदद से राहत एवं बहाली कार्य शुरू किया। गंगोत्री मार्ग पर यातायात बाद में बहाल कर दिया गया, हालांकि पहाड़ी से लगातार पत्थर गिरने का खतरा बना हुआ है।

जिलाधिकारी ने जारी किया हाई अलर्ट

लगातार खराब मौसम को देखते हुए उत्तरकाशी के जिलाधिकारी प्रशांत आर्य ने जिले में हाई अलर्ट घोषित करते हुए आपदा प्रबंधन से जुड़े सभी विभागों को पूरी तरह सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने भूस्खलन संभावित स्थलों पर पर्याप्त मैनपावर और जेसीबी मशीनों की अग्रिम तैनाती सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं, ताकि मार्ग अवरुद्ध होने पर उन्हें शीघ्र खोला जा सके और आवश्यकता पड़ने पर राहत एवं बचाव कार्य तत्काल शुरू किया जा सके।

प्रशासन ने नागरिकों और यात्रियों से मौसम विभाग की सलाह का पालन करने, अनावश्यक यात्रा से बचने तथा किसी भी आपात स्थिति में स्थानीय प्रशासन और आपदा नियंत्रण कक्ष से संपर्क करने की अपील की है।

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