हरिद्वार। गंभीर अपराधों के मामलों में न्यायालय में विचाराधीन 16 से 18 वर्ष आयु वर्ग के किशोरों को अब अलग सुरक्षित और सुधारात्मक वातावरण मिलेगा। महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्या ने सोमवार को हरिद्वार के रोशनाबाद में प्रदेश के पहले प्लेस ऑफ सेफ्टी भवन का शिलान्यास किया। 555.15 लाख रुपये की लागत से बनने वाला यह केंद्र राज्यभर के गंभीर मामलों में विचाराधीन किशोरों के लिए विशेष सुविधा उपलब्ध कराएगा।

हरिद्वार के रोशनाबाद में उत्तराखंड के पहले प्लेस ऑफ सेफ्टी का निर्माण शुरू होगा। महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्या ने सोमवार को 555.15 लाख रुपये की लागत से बनने वाले इस भवन का शिलान्यास किया। यहां 16 से 18 वर्ष आयु वर्ग के उन किशोरों को रखा जाएगा, जो गंभीर अपराधों के मामलों में न्यायालय में विचाराधीन हैं।

मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि किशोर न्याय व्यवस्था का उद्देश्य केवल दंड देना नहीं, बल्कि बच्चों को सुधारकर समाज की मुख्यधारा से जोड़ना है। उन्होंने कहा कि कई बार परिस्थितियों, गलत संगति और मार्गदर्शन के अभाव में किशोर अपराध की राह पर चले जाते हैं। ऐसे बच्चों को अपराधियों के साथ रखने के बजाय सुधारात्मक वातावरण देना जरूरी है।

उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि केंद्र में शिक्षा, डिजिटल साक्षरता, कौशल विकास, मनोवैज्ञानिक परामर्श और काउंसलिंग की बेहतर व्यवस्था की जाए, ताकि यहां से निकलने वाले किशोर आत्मनिर्भर और जिम्मेदार नागरिक बन सकें।

कार्यक्रम में विधायक आदेश चौहान, विभागीय निदेशक बंसीलाल राणा, मुख्य विकास अधिकारी डॉ. ललित नारायण मिश्रा समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

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