एसआईआर (विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण) प्रक्रिया को लेकर कांग्रेस का हमला: नोटिसों में कारण न दर्ज होने पर जताई आपत्ति, मतदाताओं को परेशान करने का लगाया आरोप
हरिद्वार (6 अगस्त): विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया के तहत मतदाताओं को जारी किए जा रहे नोटिसों पर कांग्रेस ने कड़ा विरोध जताया है। निर्वाचन आयोग और जिला प्रशासन पर गंभीर सवाल उठाते हुए कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि बिना किसी स्पष्ट कारण के बड़े पैमाने पर नोटिस भेजे जा रहे हैं, जिससे आम लोगों में भ्रम और भय का माहौल बन गया है। प्रेस क्लब में आयोजित पत्रकार वार्ता के दौरान पार्टी ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की।
एसआईआर (SIR) से जुड़ी प्रमुख बिंदु व आपत्तियां:
बिना कारण बताए भेजे जा रहे नोटिस: कांग्रेस का आरोप है कि जारी किए जा रहे नोटिसों में त्रुटि या आपत्ति का कोई स्पष्ट कारण दर्ज नहीं है।
वीआईपी और बड़े पैमाने पर नोटिस: कांग्रेस राष्ट्रीय प्रवक्ता आलोक शर्मा ने बताया कि उत्तराखंड विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य तक को नोटिस भेजा गया है। वहीं, लक्सर विधानसभा क्षेत्र के एक ही बूथ पर 800 से अधिक नोटिस जारी किए गए हैं।
फॉर्म-7 के दुरुपयोग का आरोप: आलोक शर्मा ने मांग की कि फॉर्म-7 (नाम हटाने/आपत्ति से संबंधित) का दुरुपयोग रोकने के लिए फॉर्म जमा करने वाले व्यक्ति का उचित सत्यापन (Verification) अनिवार्य किया जाए। उन्होंने जिलाधिकारी से फॉर्म-7 के दुरुपयोग की स्वयं जांच करने की अपील की।
बीएलओ पर दबाव और मनमाने वोट: कांग्रेस ने अपील की कि बीएलओ (BLO) किसी के दबाव में न आएं। बीएलओ की सहमति के बिना नए वोट न बनाए जाएं। आरोप लगाया गया कि कुछ क्षेत्रों में बिना बीएलओ की जानकारी के नाम जोड़े जा रहे हैं।
टारगेट करने और नाम काटने की आशंका: पूर्व राज्य मंत्री हाजी नईम कुरैशी ने अपनी पार्षद पुत्रवधू को आपत्तिजनक भाषा में नोटिस मिलने का दावा करते हुए आरोप लगाया कि एसआईआर के नाम पर एक खास वर्ग को टारगेट किया जा रहा है। आलोक शर्मा ने भी भाजपा-विरोधी समर्थकों के नाम सूची से हटाने की साजिश का अंदेशा जताया।
कांग्रेस नेताओं के प्रमुख वक्तव्य:
”दो माह की कवायद के बाद इस तरह के अस्पष्ट नोटिस जारी होना दुर्भाग्यपूर्ण है। निर्वाचन आयोग देश भर में एसआईआर अभियान के दौरान आ रही समस्याओं में सुधार करने में पूरी तरह विफल रहा है।”
— आलोक शर्मा, राष्ट्रीय प्रवक्ता (कांग्रेस)
”बिना स्पष्ट त्रुटि के नोटिस मिलने से आम जनता अनावश्यक रूप से परेशान हो रही है। शासन-प्रशासन के इस रवैये से मतदाताओं में असुरक्षा की भावना पैदा हो गई है।”
— बालेश्वर सिंह, जिलाध्यक्ष (कांग्रेस)
पत्रकार वार्ता में वरिष्ठ नेता मनोज सैनी, प्रदेश महासचिव एडवोकेट फुरकान अली, पार्षद अरशद ख्वाजा, विकास चंद्रा, कैलाश प्रधान सहित अनेक पदाधिकारी मौजूद रहे। सभी नेताओं ने एक स्वर में मांग की कि एसआईआर प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी और निष्पक्ष बनाया जाए ताकि किसी भी वैध मतदाता का नाम मतदाता सूची से बाहर न हो।
