• बंद सड़कें और पेयजल लाइनें तत्काल खोलने के निर्देश
  • संवेदनशील क्षेत्रों के लिए अलग आपदा प्रबंधन योजना बनाने पर जोर

गोपेश्वर (चमोली)। आयुक्त गढ़वाल मंडल आनंद स्वरूप ने सोमवार को जिला सभागार गोपेश्वर में आपदा प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्यों तथा आवश्यक सेवाओं की स्थिति समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि आपदा की स्थिति में आम जनता की सुरक्षा और सुविधा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए सभी विभाग आपसी समन्वय से तेजी से राहत कार्य संचालित करें।

गढवाल आयुक्त ने लोक निर्माण विभाग और संबंधित सड़क निर्माण एजेंसियों को आपदा के कारण बंद सड़कों को प्राथमिकता के आधार पर तत्काल खोलने को कहा। उन्होंने विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों की बंद सड़कों को जल्द खोलने पर जोर देते हुए कहा कि सड़क संपर्क बाधित होने से ग्रामीणों को लंबे समय तक परेशानी नहीं होनी चाहिए। आवश्यक सेवाओं की पहुंच बनाए रखने के लिए सड़क मार्गों को जल्द सुचारू होना जरूरी है।

उन्होंने पेयजल विभाग को आपदा से क्षतिग्रस्त पेयजल लाइनों की मरम्मत कर जलापूर्ति तत्काल बहाल करने को कहा। ब्रह्मसैण क्षेत्र में लोक निर्माण विभाग की ओर से किए जा रहे कार्यों में तेजी लाने पर जोर दिया। आयुक्त ने पशुपालन विभाग को आपदा प्रभावित क्षेत्रों में पशुओं की सुरक्षा और उपचार को भी प्राथमिकता देने को कहा। उन्होंने बीमार और घायल पशुओं के उपचार, पशु चिकित्सा सेवाओं तथा चारे की उपलब्धता की नियमित निगरानी किए जाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि आपदा के दौरान मानव जीवन के साथ पशुधन की सुरक्षा के लिए भी प्रभावी व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जानी चाहिए।

चिकित्सा व्यवस्थाओं की समीक्षा करते हुए आयुक्त ने आपदा के दौरान स्वास्थ्य सेवाओं को प्रभावी बनाए रखने के लिए क्षेत्रवार अलग आपदा प्रबंधन योजना तैयार करने को कहा। उन्होंने गैरसैंण, फूलों की घाटी, चारधाम यात्रा मार्गों और अन्य संवेदनशील क्षेत्रों के लिए स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप अलग कार्ययोजना तैयार करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि आपदा के समय प्रभावित लोगों को तत्काल चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना जरूरी है। इसके लिए चिकित्सा एवं आयुष विभाग को आपसी समन्वय से कार्य करने के निर्देश दिए गए। उन्होंने राहत एवं बचाव अभियान के विभिन्न चरणों में दोनों विभागों की संयुक्त भूमिका सुनिश्चित करने को कहा।

आयुक्त ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि आपदा प्रभावित क्षेत्रों में राहत कार्यों की नियमित निगरानी की जाए और आवश्यकता के अनुसार संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए, ताकि प्रभावित लोगों को किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।

इस दौरान जिलाधिकारी गौरव कुमार, पुलिस अधीक्षक सुरजीत सिंह पंवार, मुख्य विकास अधिकारी डॉ. अभिषेक त्रिपाठी, उप वन संरक्षक बदरीनाथ प्रणाली रमेश, केदारनाथ रजत सुमन, अपर जिलाधिकारी विवेक प्रकाश, उपजिलाधिकारी राज कुमार पांडे, अलकेश नौड़ियाल आदि मौजूद रहे।

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