देहरादून : उत्तराखण्ड में मौसम को लेकर ताजा अपडेट सामने आया है। मौसम में बदलाव के बीच ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी और कुछ क्षेत्रों में बारिश की संभावना बनी हुई है। पहाड़ी क्षेत्रों में तापमान गिरने से ठंड बढ़ सकती है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, 29 और 30 अक्टूबर को प्रदेश के कुछ हिस्सों में बारिश, गरज-चमक और ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी देखने को मिल सकती है।

देहरादून, हरिद्वार और आसपास के मैदानी इलाकों में भी मौसम बदलने की संभावना है। हालांकि, राजधानी देहरादून में लगातार झमाझम बारिश होने और केदारनाथ-बदरीनाथ में वर्तमान में बर्फबारी जारी रहने की पुष्टि ताजा स्थानीय रिपोर्ट से अलग से कर लें।

 

केदारनाथ और बदरीनाथ में बर्फबारी की संभावना

उत्तराखंड के ऊंचाई वाले हिमालयी क्षेत्रों में अक्टूबर के अंतिम दिनों में बर्फबारी की संभावना रहती है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, 3,500 मीटर या उससे अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों में हिमपात हो सकता है।

केदारनाथ धाम, बदरीनाथ धाम और आसपास की ऊंची पर्वत चोटियों पर मौसम का असर यात्रा और स्थानीय गतिविधियों पर पड़ सकता है। ठंड बढ़ने की स्थिति में श्रद्धालुओं को गर्म कपड़े साथ रखने और प्रशासन की ओर से जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की सलाह दी जाती है।

 

देहरादून समेत कई जिलों में बारिश के आसार

मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, उत्तराखंड के कुछ जिलों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। संभावित प्रभावित जिलों में उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, बागेश्वर, चमोली, चंपावत और पिथौरागढ़ शामिल हैं। अन्य क्षेत्रों में भी स्थानीय स्तर पर मौसम बदल सकता है।

देहरादून, टिहरी, हरिद्वार और नैनीताल जैसे जिलों में गरज-चमक और तेज हवाओं को लेकर जारी ताजा चेतावनियों पर ध्यान देना जरूरी है।

 

आकाशीय बिजली और तेज हवाओं को लेकर सावधानी

मौसम में बदलाव के दौरान कुछ स्थानों पर गरज-चमक, आकाशीय बिजली और तेज झोंकेदार हवाएं चलने की आशंका रहती है। ऐसी परिस्थितियों में खुले मैदानों, पेड़ों और बिजली के खंभों के पास खड़े होने से बचें। पहाड़ी सड़कों पर यात्रा करने वाले लोग निकलने से पहले मौसम और सड़क की स्थिति की जानकारी जरूर लें।

 

पर्यटकों और चारधाम यात्रियों के लिए जरूरी सलाह

पहाड़ी क्षेत्रों में जाने से पहले मौसम का ताजा पूर्वानुमान देखें।

गर्म कपड़े, रेनकोट और जरूरी दवाएं साथ रखें।

खराब मौसम में अनावश्यक यात्रा से बचें।

भूस्खलन संभावित मार्गों पर सावधानी बरतें और स्थानीय प्रशासन की सलाह मानें।

केदारनाथ और बदरीनाथ जाने वाले श्रद्धालु यात्रा मार्ग तथा मंदिर क्षेत्र की ताजा स्थिति की पुष्टि करें।

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