• 50 वर्ष पूर्ण करने वालों को स्वर्ण जयंती और 25 वर्ष से जुड़े सदस्यों को मिलेगा रजत जयंती सम्मान, आर्थिक मजबूती के लिए आजीवन सदस्यता बढ़ाने का निर्णय

हरिद्वार। ऋषिकुल स्नातक एवं स्नातकोत्तर एसोसिएशन की कार्यकारिणी बैठक में संगठन के विस्तार, वरिष्ठ एवं विशिष्ट सदस्यों के सम्मान, आर्थिक सुदृढ़ीकरण और आगामी कार्यक्रमों को लेकर कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। अध्यक्ष प्रो. बी.के. अग्निहोत्री की अध्यक्षता में हुई बैठक में वर्ष 1976 में स्नातक हुए सदस्यों को 50 वर्ष पूर्ण होने पर स्वर्ण जयंती सम्मान तथा संगठन से 25 वर्ष का जुड़ाव पूरा करने वाले सदस्यों को रजत जयंती सम्मान देने पर सहमति बनी।

सेवाकाल के आधार पर भी मिलेगा विशेष सम्मान

बैठक में अध्यक्ष की ओर से एसीपी की तर्ज पर आठ, 16 और 25 वर्ष की सेवा पूर्ण कर चुके पात्र सदस्यों को उनके सेवाकाल और योगदान के अनुरूप विशेष सम्मान एवं प्रशस्ति-पत्र देने का प्रस्ताव रखा गया। इसके लिए करीब 25 सदस्यों की प्रारंभिक सूची तैयार कर आगामी सम्मान समारोह में शामिल करने पर विचार किया गया। संगठन के वरिष्ठ सदस्यों और संस्था के विकास में विशेष योगदान देने वालों को भी सम्मानित किया जाएगा।

आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने पर जोर

एसोसिएशन की गतिविधियों को दीर्घकालीन रूप से आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के लिए आजीवन सदस्यता बढ़ाने का निर्णय लिया गया। प्रत्येक कार्यकारिणी सदस्य को कम से कम 10 नए आजीवन सदस्य बनाने के लिए प्रेरित किया जाएगा। बैठक में सुविधा-संपन्न सदस्यों से स्वैच्छिक रूप से प्रति व्यक्ति एक लाख रुपये सहयोग लेकर करीब 100 सहयोगदाताओं के माध्यम से मजबूत निधि तैयार करने का सुझाव भी रखा गया। निधि से प्राप्त ब्याज का उपयोग प्रतिवर्ष सम्मेलन और अन्य निर्धारित कार्यक्रमों के आयोजन में किए जाने का प्रस्ताव है।

पूर्व छात्रों का तैयार होगा व्यापक नेटवर्क

प्रो. सुनील कुमार जोशी ने ऋषिकुल परिसर में वर्तमान में कार्यरत ऋषिकुल के स्नातक एवं स्नातकोत्तर सदस्यों की सूची तैयार करने का प्रस्ताव रखा। डॉ. नरेश कुमार चौधरी ने रेडक्रॉस की तर्ज पर एसोसिएशन के सदस्यों की विभिन्न श्रेणियां निर्धारित करने का सुझाव दिया, ताकि उनकी विशेषज्ञता, सेवाकाल और संगठन में योगदान के अनुरूप उन्हें व्यवस्थित रूप से जोड़ा जा सके।

जिला समन्वय समिति के गठन को मंजूरी

एसोसिएशन के सचिव डॉ. वेद भूषण शर्मा ने वरिष्ठ एवं विशिष्ट सदस्यों को सम्मानित करने का प्रस्ताव रखा। उन्होंने पूर्व जिला आयुर्वेदिक एवं यूनानी अधिकारी डॉ. आशुतोष पंत द्वारा परिसर में कराए गए पौधरोपण के लिए आभार व्यक्त करते हुए जिला समन्वय समिति के गठन का प्रस्ताव रखा, जिसे सर्वसम्मति से स्वीकार कर लिया गया।

आगामी कार्यक्रमों की तैयारियों पर चर्चा

बैठक में आगामी कार्यक्रम की रूपरेखा, आमंत्रित अतिथियों और आयोजन की तैयारियों पर भी चर्चा हुई। विश्वविद्यालय एवं अधिकारी स्तर पर आवश्यक समन्वय स्थापित कर कार्यक्रम और संगठन से जुड़े विषयों पर वार्ता करने का निर्णय लिया गया।

प्रचार मंत्री डॉ. अवनीश कुमार उपाध्याय ने संगठन की प्रगति और गतिविधियों की सराहना करते हुए कहा कि एसोसिएशन की मजबूती के लिए सभी सदस्यों की सक्रिय भागीदारी जरूरी है। वरिष्ठों के अनुभव और युवा सदस्यों की ऊर्जा के समन्वय से संगठन को और प्रभावी एवं व्यापक बनाया जा सकता है।

बैठक में प्रस्तुत प्रस्तावों पर विस्तार से चर्चा के बाद आवश्यक संशोधनों के साथ सर्वसम्मति से अनुमोदन किया गया। अंत में पदेन सदस्य डॉ. उदय नारायण पांडेय ने सभी उपस्थित सदस्यों का रसगुल्ले से मुंह मीठा कराया और सौहार्दपूर्ण वातावरण में बैठक का समापन हुआ।

बैठक में डॉ. रमेशचन्द्र गोयल, डॉ. देवेन्द्र शर्मा चमोली, डॉ. विनीत कुमार अग्निहोत्री, प्रो. सुशील कुमार जोशी, डॉ. टी.के. गर्ग, डॉ. अशोक पालीवाल, डॉ. प्रेम प्रकाश सतलेवाल, डॉ. नरेश कुमार चौधरी, डॉ. उदय नारायण पांडेय, डॉ. अवनीश कुमार उपाध्याय, डॉ. पारुल शर्मा, डॉ. मनीषा दीक्षित, डॉ. बीरेंद्र नाथ, डॉ. वेद भूषण शर्मा, डॉ. यादवेन्द्र यादव, डॉ. गोपाल कृष्ण शर्मा सहित कार्यकारिणी के अन्य सदस्य मौजूद रहे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *