गोपेश्वर (चमोली)। विद्यालयों में कार्यभार संभालने से पहले नवनियुक्त एलटी ग्रेड शिक्षकों को शिक्षण पद्धतियों, कक्षा प्रबंधन और विद्यार्थियों के आकलन की जानकारी दी गई। जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट) में आयोजित पांच दिवसीय प्रेरण अभिमुखीकरण प्रशिक्षण प्रमाणपत्र वितरण के साथ संपन्न हो गया।

समापन समारोह में मुख्य शिक्षा अधिकारी आकाश सारस्वत ने शिक्षकों से अपने दायित्वों का बेहतर ढंग से निर्वहन करने और विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि शिक्षण में दक्षता आधारित गतिविधियों और सीखने के प्रतिफलों को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।

प्रशिक्षण के दौरान शिक्षकों को राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020, राष्ट्रीय पाठ्यचर्या की रूपरेखा-2023, राज्य पाठ्यचर्या की रूपरेखा, शिक्षण पद्धतियों, आकलन और विद्यालय प्रबंधन से संबंधित जानकारी दी गई। समय एवं कक्षा प्रबंधन, प्रश्नपत्र निर्माण, छात्रवृत्ति योजनाओं, विद्यालयी अभिलेखों और कर्मचारी आचरण नियमावली पर भी सत्र आयोजित किए गए। इसके अलावा बाल-केंद्रित एवं अनुभवात्मक शिक्षण, समावेशी शिक्षा, जेंडर संवेदीकरण, विद्यालय सुरक्षा, आपदा प्रबंधन और अभिभावक सहभागिता जैसे विषयों पर भी प्रशिक्षण दिया गया। शिक्षकों को डिजिटल शैक्षिक प्लेटफॉर्म, नशामुक्ति और तनाव प्रबंधन की जानकारी भी दी गई।

समापन समारोह में डायट के वरिष्ठ संकाय सदस्य राजेंद्र प्रसाद मैखुरी, अटल उत्कृष्ट राजकीय इंटर कॉलेज सिमली के प्रधानाचार्य देवदत्त शर्मा, वीरेंद्र सिंह कठैत, डॉ. कमलेश कुमार मिश्र, प्रमुख प्रशिक्षक प्रकाश चंद्र गैड़ी, वीरेंद्र मोहन तिवारी, सुमन भट्ट, गोपाल प्रसाद कपरूवान, रविंद्र सिंह बत्र्वाल, मृणाल जोशी, वचन जितेला मौजूद रहे।

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *