जयहरीखाल : भक्त दर्शन राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, जयहरीखाल में 7 अक्टूबर को गढ़भोज दिवस धूमधाम से मनाया गया। गढ़भोज दिवस 2026 का विषय- ‘गढ़भोज : स्वस्थ उत्तरााखण्ड की ओर एक सशक्त कदम’ निश्चित किया गया है। इस अवसर पर महाविद्यालय के समस्त विद्यार्थियों एवं कर्मचारियों ने सोत्साह कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। विद्यार्थियों के लिए विषय पर आधारित उत्तरााखण्ड के पारंपरिक व्यंजन बनाने की प्रतियोगिता का आयोजन भी किया गया। व्यंजन प्रतियोगिता में कु. प्रिया बी. ए. 3 सेम ने कंडाली पनीर की सब्जी बनाकर प्रथम स्थान, अमीषा रावत ने आटे का मीठा चीला (लगड़ी) बनाकर द्वितीय स्थान प्राप्त किया।

 प्रतियोगिता में निर्णायक मंडल द्वारा परिणाम की घोषणा की गई; डॉ. अर्चना नौटियाल, डॉ. अजय रावत एवं डॉ. पवनिका चंदोला ने निर्णायक की भूमिका निभाई। कार्यक्रम की सह संयोजक डॉ. दुर्गा रजक ने कार्यक्रम का सफल संचालन किया एवं संयोजक डॉ. सुमन कुकरेती ने गढ़भोज दिवस मनाने की परंपरा को बताते हुए उत्तराखण्ड के पारंपरिक व्यंजनों का संक्षिप्त परिचय प्रस्तुत किया। 

इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में उच्च शिक्षा की संयुक्त निदेशक डॉ. संगीता गुप्ता क्षेत्रीय कार्यालय, देहरादून मौजूद रहीं। उन्होंने पारम्परिक व्यंजन बनाने हेतु छात्र-छात्राओं का उत्साहवर्धन किया एवं पारंपरिक व्यंजनों का महत्व बताया। महाविद्यालय की प्राचार्य प्रो. एल. आर. राजवंशी ने पारंपरिक व्यंजन एवं स्वास्थ्य, युवाओं द्वारा पारंपरिक फसलों एवं व्यंजनों से जुड़कर रोजगार प्राप्त करने के विविध आयामों पर अपने विचार प्रकट किए। कार्यक्रम में समस्त शिक्षक, शिक्षणेत्तर कर्मचारी एवं छात्रों ने सामूहिक गढ़भोज का आनंद लिया।

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