देहरादून/हरिद्वार:
उत्तराखंड की राजनीति से इस वक्त की बड़ी खबर आ रही है। सूबे के बहुचर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड में ‘वीआईपी’ (VIP) के नाम को लेकर सोशल मीडिया पर कथित ऑडियो-वीडियो क्लिप वायरल करने के मामले में ज्वालापुर से भाजपा के पूर्व विधायक सुरेश राठौर को गिरफ्तार कर लिया गया है।

देहरादून की डालनवाला पुलिस और एसओजी (SOG) की संयुक्त टीम ने यह बड़ी कार्रवाई की है।
​हरिद्वार से हिरासत में लिए गए, डालनवाला में हुई गिरफ्तारी
​जानकारी के अनुसार, पुलिस टीम ने सुरेश राठौर को हरिद्वार के बुग्गावाला क्षेत्र स्थित उनके कार्यालय से हिरासत में लिया था। इसके बाद उन्हें देहरादून के डालनवाला थाने लाया गया, जहां लंबी पूछताछ के बाद पुलिस ने उन्हें औपचारिक रूप से गिरफ्तार कर लिया। सोमवार को उन्हें स्थानीय अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में सुद्धोवाला जिला जेल भेज दिया गया है।
​क्या है पूरा मामला और आरोप?
​यह पूरा विवाद कुछ समय पहले सोशल मीडिया पर वायरल हुए ऑडियो और वीडियो क्लिप्स के बाद शुरू हुआ था।
​साजिश का आरोप: भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव और उत्तराखंड प्रभारी दुष्यंत कुमार गौतम ने 5 जनवरी को डालनवाला थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। आरोप है कि सुरेश राठौर और अभिनेत्री उर्मिला सनावर ने कुछ राजनीतिक दलों के साथ मिलकर एक आपराधिक साजिश रची।
​छवि खराब करने की कोशिश: शिकायत के मुताबिक, इन लोगों ने अंकिता भंडारी केस के ‘वीआईपी’ के तौर पर दुष्यंत गौतम का नाम घसीटने के लिए फर्जी और भ्रामक ऑडियो-वीडियो तैयार किए, ताकि पार्टी के वरिष्ठ नेताओं की छवि खराब की जा सके और जन आक्रोश भड़काया जा सके।
​मुकदमे और धाराएं: इस मामले में पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 61(2) (आपराधिक साजिश), 336(4) (जालसाजी), 353(2) (भड़काऊ बयान प्रसारित करना) और आईटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया था। बाद में जांच के दौरान इसमें रंगदारी (extortion) से जुड़ी धारा 308(6) भी जोड़ी गई।
​हाई कोर्ट से मिली थी आंशिक राहत
​गौरतलब है कि सुरेश राठौर के खिलाफ हरिद्वार और देहरादून के अलग-अलग थानों में कुल 4 एफआईआर दर्ज थीं। हाल ही में उत्तराखंड उच्च न्यायालय (नैनीताल) ने बड़ी राहत देते हुए बहादराबाद और झबरेड़ा थानों में दर्ज 2 एफआईआर को निरस्त कर दिया था। हालांकि, हाई कोर्ट की एकल पीठ ने देहरादून के डालनवाला और नेहरू कॉलोनी थानों में दर्ज बाकी दो मामलों में पुलिस जांच जारी रखने के आदेश दिए थे। इसी क्रम में आगे बढ़ते हुए डालनवाला पुलिस ने यह एक्शन लिया है।
​पूर्व विधायक ने आरोपों को बताया था साजिश
​गिरफ्तारी से तीन दिन पहले ही सुरेश राठौर ने हरिद्वार में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर खुद को बेकसूर बताया था। उन्होंने कहा था कि उन्होंने सोशल मीडिया पर ऐसा कोई भी वीडियो जारी नहीं किया है और न ही मुख्यमंत्री या किसी वरिष्ठ नेता के खिलाफ कोई बयान दिया है। उन्होंने इसे अपने राजनीतिक करियर को खत्म करने की एक साजिश करार दिया था। हालांकि, पुलिस का कहना है कि उनके पास पुख्ता सबूत और बयान मौजूद हैं, जिसके आधार पर यह गिरफ्तारी की गई है। इस मामले के सामने आने के बाद भाजपा ने सुरेश राठौर को पहले ही पार्टी से निष्कासित कर दिया था।

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