हरिद्वार, 15 जून 2026
​आज सोमवती अमावस्या के पावन पर्व पर तीर्थ नगरी हरिद्वार में आस्था का जनसैलाब उमड़ पड़ा। देश के कोने-कोने से आए लाखों श्रद्धालुओं ने तड़के सुबह से ही हर की पैड़ी सहित विभिन्न गंगा घाटों पर पवित्र स्नान किया। माना जाता है कि सोमवती अमावस्या पर गंगा स्नान और दान-पुण्य करने से पितरों को मोक्ष मिलता है और कष्टों से मुक्ति होती है।
​सुबह से ही हर की पैड़ी का नजारा पूरी तरह से भक्तिमय नजर आया, जहाँ ‘हर-हर गंगे’ और ‘जय मां गंगे’ के उद्घोष गूंजते रहे। हालांकि, इस भारी भीड़ और प्रशासनिक कुप्रबंधन के कारण हरिद्वार और उसके आसपास के इलाकों की यातायात व्यवस्था पूरी तरह से ध्वस्त हो गई।
​दिल्ली-देहरादून हाईवे बना ‘रेंगता हुआ शहर’
​श्रद्धालुओं के वाहनों की भारी तादाद के कारण हरिद्वार-दिल्ली राष्ट्रीय राजमार्ग (NH-58) पर मीलों लंबा भीषण जाम लग गया। सुबह से शुरू हुआ यह जाम दोपहर होते-होते और बदतर हो गया। स्थिति यह थी कि गाड़ियाँ रेंगने को मजबूर थीं।
​तपती धूप में परेशान हुए लोग: भीषण गर्मी और उमस के बीच घंटों जाम में फंसे रहने के कारण बच्चे, बुजुर्ग और महिलाएं बेहाल नजर आए। गाड़ियों में एसी फेल होने लगे और लोगों को पीने के पानी के लिए भी मशक्कत करनी पड़ी।
​स्थानीय लोग और कामकाजी परेशान: इस जाम का सबसे बुरा असर स्थानीय निवासियों और रोजमर्रा के काम से निकलने वाले लोगों पर पड़ा। दफ्तर जाने वाले लोग और आवश्यक सेवाओं से जुड़े वाहन भी घंटों फंसे रहे।
​रूट डायवर्जन रहा फेल: प्रशासन द्वारा किए गए रूट डायवर्जन के दावे धरे के धरे रह गए। लिंक रोड से लेकर मुख्य चौराहों तक, हर जगह वाहनों की लंबी कतारें देखी गईं।
​प्रशासन के दावे फेल, पार्किंग फुल
​सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को संभालने के लिए पुलिस बल तैनात तो था, लेकिन लाखों की भीड़ के आगे सारे इंतजाम नाकाफी साबित हुए। हरिद्वार के लगभग सभी प्रमुख पार्किंग स्थल सुबह 8 बजे से पहले ही पूरी तरह पैक हो चुके थे, जिसके बाद मजबूरन लोगों ने अपने वाहन सड़कों के किनारे खड़े कर दिए। इससे जाम की स्थिति और गंभीर हो गई।

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