पणजी/नई दिल्ली:
भारतीय सिनेमा के सबसे सशक्त और बहुमुखी अभिनेताओं में शुमार नाना पाटेकर (विश्वनाथ पाटेकर) का 75 वर्ष की आयु में निधन हो गया है। उन्होंने गोवा के डोना पाउला (पणजी) स्थित अपने आवास पर अंतिम सांस ली। सामने आई जानकारी के अनुसार, उनके निधन का कारण कार्डियक अरेस्ट (दिल का दौरा) बताया जा रहा है।अचेत अवस्था में मिले, अस्पताल में डॉक्टरों ने की भरसक कोशिश
रिपोर्ट्स के मुताबिक, नाना पाटेकर को उनके गोवा स्थित आवास पर अचेत पाया गया था, जिसके बाद उन्हें तुरंत नजदीकी अस्पताल ले जाया गया। अस्पताल सूत्रों के अनुसार, डॉक्टरों की टीम ने लगभग 45 मिनट तक उन्हें पुनर्जीवित करने का प्रयास किया, लेकिन तमाम कोशिशों के बावजूद उन्हें बचाया नहीं जा सका।
कला जगत में शोक की लहर
नाना पाटेकर के अचानक निधन की खबर से हिंदी और मराठी सिनेमा सहित पूरे देश में शोक की लहर दौड़ गई है। सोशल मीडिया पर सिनेमा जगत की प्रमुख हस्तियों, राजनेताओं और प्रशंसकों द्वारा उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी जा रही है।
अभिनय के एक युग का अंत
1 जनवरी 1951 को जन्मे नाना पाटेकर ने लगभग पांच दशकों (1978–2026) तक अपनी दमदार अदाकारी, तीखे संवाद और अनूठे अंदाज से दर्शकों के दिलों पर राज किया। वे न केवल एक बेहतरीन अभिनेता थे, बल्कि स्क्रीनराइटर, फिल्म निर्माता और सामाजिक कार्यों में सक्रिय रहने वाले संवेदनशील व्यक्तित्व भी थे। उनके जाने से भारतीय फिल्म जगत में एक ऐसा खालीपन आ गया है, जिसे भर पाना बेहद कठिन होगा।
