नई दिल्ली। सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय (MoRTH) ने केंद्रीय मोटर वाहन नियमों (CMVR) में बड़ा संशोधन करते हुए पुराने (Used) वाहनों की खरीद-बिक्री के लिए नए नियम लागू किए हैं। इस कदम का मुख्य उद्देश्य यूज़्ड कार मार्केट को अधिक पारदर्शी बनाना और ग्राहकों को धोखाधड़ी से बचाना है।

नए नियमों के तहत, पुराने वाहनों का कारोबार करने वाले सभी डीलरों के लिए परिवहन विभाग (RTO) से अधिकृत प्रमाणपत्र (Authorization Certificate) लेना अनिवार्य कर दिया गया है। यह प्रमाणपत्र 5 वर्षों के लिए वैध होगा और अब बिना रजिस्ट्रेशन के कोई भी डीलर वाहनों का लेनदेन नहीं कर सकेगा।

कार मालिकों के लिए बड़ा बदलाव यह हुआ है कि जब वे अपनी गाड़ी डीलर को सौंपेंगे, तो इसकी सूचना वाहन पोर्टल पर तुरंत दर्ज होगी। इसके बाद वाहन का स्वामित्व और किसी भी दुर्घटना या घटना की कानूनी जिम्मेदारी डीलर की होगी, जिससे पुराने मालिक को राहत मिलेगी।

इसके अलावा, अधिकृत डीलरों को ही वाहनों का रजिस्ट्रेशन ट्रांसफर करने, फिटनेस सर्टिफिकेट रिन्यू कराने और एनओसी (NOC) के लिए आवेदन करने का सीधा अधिकार दिया गया है। इससे फर्जीवाड़े और जीएसटी (GST) चोरी पर लगाम लगेगी।

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