देहरादून : उत्तराखण्ड के अलग-अलग महाविद्यालयों में छात्रसंघ चुनाव संपन्न होने के बाद देर शाम तक परिणाम घोषित किए गए। देहरादून के डीएवी पीजी कॉलेज में एक बार फिर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) का दबदबा देखने को मिला। अध्यक्ष पद पर एबीवीपी के नवदीप राणा ने एनएसयूआई के सौरभ सेमवाल को 94 वोटों के अंतर से हराकर जीत दर्ज की।
 
अध्यक्ष पद पर नवदीप राणा की जीत
डीएवी पीजी कॉलेज छात्रसंघ चुनाव में अध्यक्ष पद पर नवदीप राणा को 1759 वोट मिले। वहीं एनएसयूआई के सौरभ सेमवाल को 1665 वोट प्राप्त हुए। इस तरह नवदीप राणा ने 94 वोटों के अंतर से जीत दर्ज की।
अध्यक्ष पद के अन्य प्रत्याशियों में अमित सिंह को 998 वोट मिले, जबकि तान्या को 36 वोट प्राप्त हुए।
 
उपाध्यक्ष पद पर SFI के शैलेंद्र सिंह विजयी
उपाध्यक्ष पद पर एसएफआई के शैलेंद्र सिंह ने जीत हासिल की। उन्हें 2388 वोट मिले। उनके प्रतिद्वंद्वी हर्ष रावत को 1603 वोट प्राप्त हुए। इस मुकाबले में शैलेंद्र सिंह ने हर्ष रावत को 785 वोटों के अंतर से हराया।
 
सचिव पद पर नितांश ने दर्ज की जीत
डीएवी पीजी कॉलेज छात्रसंघ चुनाव में सचिव पद पर नितांश ने जीत दर्ज की। उपलब्ध चुनाव परिणाम के अनुसार उनके मुकाबले में दीपक राणा को 1953 वोट मिले और उन्हें हार का सामना करना पड़ा। इसके साथ ही एक बार फिर डीएवी पीजी कॉलेज में अध्यक्ष पद पर एबीवीपी ने अपना कब्जा बरकरार रखा।
 
मतपत्रों की वैधता को लेकर हुआ हंगामा
मतगणना के दौरान डीएवी पीजी कॉलेज परिसर में उस समय स्थिति तनावपूर्ण हो गई, जब एनएसयूआई और एबीवीपी कार्यकर्ताओं के बीच मतपत्रों की वैधता को लेकर विवाद हो गया। देखते ही देखते दोनों पक्षों के कार्यकर्ताओं के बीच झड़प और हंगामा शुरू हो गया।
 
स्थिति को नियंत्रित करने के लिए कॉलेज परिसर में तैनात पुलिस बल ने मोर्चा संभाला। हंगामा बढ़ने पर पुलिस को बल प्रयोग करना पड़ा। पुलिस की कार्रवाई के बाद काफी मशक्कत से स्थिति को शांत कराया गया।
मतगणना के दौरान हुए विवाद के कारण कुछ समय के लिए चुनाव परिणामों को लेकर भी माहौल तनावपूर्ण रहा।
 
उत्तराखण्ड के प्रमुख छात्र राजनीति केंद्रों में शामिल है DAV
देहरादून का डीएवी पीजी कॉलेज करनपुर छात्र राजनीति के लिहाज से उत्तराखण्ड के प्रमुख महाविद्यालयों में शामिल है। कॉलेज में हर वर्ष छात्रसंघ चुनाव को लेकर राजनीतिक संगठनों और छात्र संगठनों के बीच मुकाबला देखने को मिलता है।
 
कॉलेज का इतिहास भी काफी पुराना है। शुरुआत में यह इंटरमीडिएट कॉलेज के रूप में संचालित हुआ, जिसके बाद इसे डिग्री कॉलेज और फिर स्नातकोत्तर महाविद्यालय के रूप में विकसित किया गया।

डीएवी पीजी कॉलेज हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल विश्वविद्यालय से संबद्ध है। कॉलेज में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं अध्ययनरत हैं, जिसके चलते यहां होने वाले छात्रसंघ चुनावों पर पूरे प्रदेश की छात्र राजनीति की नजर रहती है।

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