गोपेश्वर (चमोली)। चमोली जिले के हनुमान मंदिर छिनका मठ में आयोजित राम कथा के तीसरे दिवस पर कथाव्यास आचार्य शैलेन्द्र सती ने भगवान शिव और माता पार्वती के विवाह प्रसंग का भावपूर्ण वर्णन किया। कथा के दौरान शिव के अघोर स्वरूप और बारात में शामिल भूत-प्रेतों के डरावने रूप का वर्णन सुन श्रद्धालु भावविभोर हो उठे।

कथा में बताया गया कि भगवान शिव का विचित्र वेश देखकर हिमालय पत्नी एवं माता मैना बेसुध हो गईं। तब माता पार्वती ने उन्हें समझाते हुए कहा कि भगवान शिव का स्वरूप भले ही अमंगल प्रतीत होता हो, लेकिन वे संपूर्ण संसार का कल्याण करने वाले हैं। उन्होंने माता से प्रसन्न होने का आग्रह किया कि स्वयं भगवान शिव ने उनकी पुत्री का वरण किया है।

कथा श्रवण के लिए ग्राम मठ, छिनका, नैल-कुडाव, भीमतल्ला, चमोली, जैसाल, बौंला और बिरही क्षेत्र से सैकड़ों श्रद्धालु पहुंचे। श्रद्धालुओं ने भक्ति भाव के साथ कथा का रसामृत पान किया। यह धार्मिक आयोजन ग्राम मठ, छिनका एवं जैसाल के ग्रामवासियों की ओर से संयुक्त रूप से आयोजित किया जा रहा है। राम कथा आयोजकों में छिनका की प्रधान पुष्पा राणा ग्राम, कुन्दन सिंह झिंक्वाण, उम्मेद सिंह, नन्दन सिंह, नारद प्रसाद तिवारी, सतीश चन्द्र जोशी,  राकेश थपलियाल, माता प्रसाद, मनोज थपलियाल आदि शामिल हैं।

 

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