पौड़ी : मुख्य विकास अधिकारी अशोक जोशी की अध्यक्षता में विकास भवन में मुख्यमंत्री महिला समेकित सतत् आजीविका योजना एवं उत्तराखण्ड महिला समेकित विकास योजना की जिला स्तरीय समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में दोनों योजनाओं के अंतर्गत प्राप्त प्रस्तावों की विस्तार से समीक्षा करते हुए उनकी पात्रता एवं निर्धारित मानकों के अनुरूप परीक्षण किया गया।
बैठक के दौरान मुख्य विकास अधिकारी ने प्रस्तावकों से उनके प्रस्तावों, प्रस्तावित गतिविधियों, वित्तीय आवश्यकताओं तथा स्वरोजगार की संभावनाओं के संबंध में विस्तृत जानकारी प्राप्त की। उन्होंने प्रस्तावों को व्यवहारिक एवं प्रभावी बनाने के लिए आवश्यक सुझाव भी दिए।
बैठक में उत्तराखण्ड महिला समेकित विकास योजना के अंतर्गत पांच तथा मुख्यमंत्री महिला समेकित सतत् आजीविका योजना के तहत दो, कुल सात प्रस्ताव समिति के समक्ष प्रस्तुत किए गए। समिति के सदस्यों ने सभी प्रस्तावों का विस्तृत परीक्षण करते हुए उन्हें शासन द्वारा निर्धारित मानकों एवं दिशा-निर्देशों के अनुरूप परखा। परीक्षण में पात्र पाए गए प्रस्तावों को अग्रिम कार्रवाई एवं स्वीकृति हेतु महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास विभाग, उत्तराखंड के निदेशालय को प्रेषित किए जाने का निर्णय लिया गया।
मुख्य विकास अधिकारी ने कहा कि राज्य सरकार की इन योजनाओं का उद्देश्य महिलाओं को स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराकर उन्हें आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर एवं सशक्त बनाना है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि पात्र प्रस्तावों की सभी औपचारिकताएं समयबद्ध एवं पारदर्शी ढंग से पूरी करते हुए आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
बैठक में जिला कार्यक्रम अधिकारी देवेंद्र थपलियाल, जिला परिवीक्षा अधिकारी अरविंद कुमार, राजकीय पॉलिटेक्निक पौड़ी के प्रधानाचार्य अभिनव थपलियाल, जिला उद्योग केंद्र के सहायक प्रबंधक बिजेंद्र सिंह सहित समिति के सदस्य एवं संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
