चमोली : चमोली जिले के जोतिर्मठ-मलारी मोटर मार्ग पर स्थित तमक नाले में सोमवार देर शाम बादल फटने से भारी तबाही मच गई है। अचानक आए उफान और तेज जलप्रवाह के कारण सीमा सड़क संगठन (BRO) द्वारा निर्मित बेली ब्रिज ताश के पत्तों की तरह बह गया। इस भीषण हादसे में एक कैंपर वाहन और उसमें सवार एक व्यक्ति के भी तेज बहाव में बहने की सूचना है, जिससे क्षेत्र में हड़कंप मच गया है।

​13 गांवों का कटा संपर्क, सुरक्षा के कड़े इंतजाम

​पुल के पूरी तरह बह जाने के कारण नीति घाटी के 13 गांवों – जुम्मा, झेलम, कोशा, मलारी, कैलाशपुर, मेहरागांव, फरकिया, बमपा, गमशाली, नीति, द्रोणागिरी, कागा और गरपक्क – का संपर्क जिला मुख्यालय से कट गया है। सुरक्षा और एहतियात के तौर पर प्रशासन ने मलारी की ओर होने वाली आवाजाही को पूरी तरह रोक दिया है। घटना की सूचना मिलते ही राहत और बचाव कार्य के लिए एसडीआरएफ (SDRF) और एनडीआरएफ (NDRF) की टीमों को तुरंत मौके के लिए रवाना कर दिया गया है।

​मुख्यमंत्री ने दिए युद्धस्तर पर राहत कार्य के निर्देश

​घटना का कड़ा संज्ञान लेते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने संबंधित अधिकारियों को राहत और बचाव कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने निचले क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरतने तथा प्रभावित गांवों तक जरूरी खाद्य सामग्री और मदद पहुंचाने के लिए युद्धस्तर पर कार्य करने को कहा है।

​प्रशासनिक निगरानी और वैकल्पिक व्यवस्थाएं

​आपदा प्रबंधन सचिव विनोद कुमार सुमन ने स्थिति की जानकारी देते हुए बताया कि राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र (SEOC) के माध्यम से प्रदेश के सभी संवेदनशील क्षेत्रों पर चौबीसों घंटे (24×7) पैनी नजर रखी जा रही है। प्रशासन को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि पुल टूटने से प्रभावित हुए गांवों में राशन, जीवन रक्षक दवाइयों और अन्य आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति वैकल्पिक मार्गों के जरिए तुरंत सुनिश्चित की जाए, ताकि ग्रामीणों को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।

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