हरिद्वार: स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर कानून-व्यवस्था और शांति बनाए रखने के लिए हरिद्वार जिला प्रशासन ने सख्त कदम उठाए हैं। जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने आदेश जारी कर स्पष्ट कर दिया है कि 15 अगस्त 2026 को जनपद हरिद्वार में शराब की सभी दुकानें और लाइसेंसी प्रतिष्ठान पूर्ण रूप से बंद रहेंगे।
क्या है जिलाधिकारी का आदेश?
जिलाधिकारी द्वारा आबकारी नियमों (नियम 13-बी 2) के तहत जारी आदेश में कहा गया है कि 15 अगस्त को जिले में स्थित सभी विदेशी और देशी मदिरा की दुकानें, डिपार्टमेंटल स्टोर, बार, एक दिवसीय बार, सैन्य कैंटीन, बॉटलिंग प्लांट, आसवनी (Distillery), और भांग के अनुज्ञापन पूरी तरह बंद रहेंगे। इस दिन किसी भी प्रकार के मादक पदार्थ या स्प्रिट की बिक्री, परिवहन और उपभोग पर सख्त पाबंदी होगी।
प्रशासन ने यह भी स्पष्ट कर दिया है कि इस ‘ड्राई डे’ (बंदी दिवस) के कारण शराब ठेकेदारों (अनुज्ञापियों) को वित्तीय वर्ष 2026-27 के निर्धारित राजस्व में कोई भी छूट या क्षतिपूर्ति नहीं दी जाएगी। आदेश का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के लिए नगर मजिस्ट्रेट, सभी उपजिलाधिकारियों (SDM), जिला आबकारी अधिकारी और आबकारी निरीक्षकों को सख्त निर्देश दिए गए हैं।
विशेष रिपोर्ट: राष्ट्रीय पर्वों पर क्यों बंद की जाती हैं शराब की दुकानें?
अक्सर लोगों के मन में यह सवाल उठता है कि 15 अगस्त (स्वतंत्रता दिवस), 26 जनवरी (गणतंत्र दिवस), 2 अक्टूबर (गांधी जयंती) और अंबेडकर जयंती जैसे प्रमुख सरकारी और राष्ट्रीय पर्वों पर शराब की दुकानें (Dry Day) क्यों बंद रखी जाती हैं। इसके पीछे प्रशासन और सरकार के कई महत्वपूर्ण कारण होते हैं:
1. राष्ट्रीय गरिमा और सम्मान:
राष्ट्रीय पर्व हमारे देश के गौरव, स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान और महापुरुषों के सम्मान के प्रतीक होते हैं। इन दिनों में शराब के नशे में होने वाले किसी भी प्रकार के दुर्व्यवहार, शोर-शराबे या असामाजिक कृत्य से राष्ट्रीय पर्व की गरिमा को ठेस न पहुंचे, इसलिए शराब की बिक्री पर रोक लगाई जाती है।
2. महापुरुषों के आदर्शों का पालन:
2 अक्टूबर (गांधी जयंती) को शराबबंदी का विशेष महत्व है क्योंकि राष्ट्रपिता महात्मा गांधी आजीवन नशामुक्ति के प्रबल समर्थक रहे। उनका मानना था कि शराब समाज और व्यक्ति दोनों का नाश करती है। इसी तरह डॉ. बी.आर. अंबेडकर भी समाज के निचले और शोषित वर्ग के उत्थान के लिए उन्हें नशे से दूर रहने की प्रेरणा देते थे। उनके विचारों को सच्ची श्रद्धांजलि देने के लिए इन विशेष दिनों पर मद्यनिषेध लागू किया जाता है।
3. कानून-व्यवस्था और शांति बनाए रखना:
राष्ट्रीय पर्वों के अवसर पर पूरे देश में ध्वजारोहण, प्रभात फेरियां, सांस्कृतिक कार्यक्रम और रैलियां आयोजित की जाती हैं, जिनमें महिलाओं और बच्चों सहित बड़ी संख्या में आम लोग शामिल होते हैं। शराब पीकर हुड़दंग करने वालों से इन आयोजनों में कोई खलल न पड़े और शहर की कानून-व्यवस्था सुचारू रहे, इसके लिए ड्राई डे घोषित करना सबसे प्रभावी कदम माना जाता है।
4. सरकारी आबकारी नियम:
यह केवल एक परंपरा नहीं है, बल्कि आबकारी अधिनियम के तहत यह एक कानूनी प्रावधान है। राज्य सरकारों के आबकारी नियमों में स्पष्ट रूप से उल्लेखित होता है कि गणतंत्र दिवस, स्वतंत्रता दिवस, गांधी जयंती और मतदान के दिनों में शराब की बिक्री अनिवार्य रूप से बंद रहेगी।
संक्षेप में कहा जाए तो इन विशेष दिनों पर ‘ड्राई डे’ लागू करने का मुख्य उद्देश्य राष्ट्र के प्रति सम्मान प्रकट करना और समाज में शांति, सुरक्षा व सद्भाव बनाए रखना है।
