रुड़की। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को विद्या भारती अखिल भारतीय शिक्षण संस्थान, उत्तराखंड द्वारा आयोजित प्रतिभा सम्मान समारोह में हाईस्कूल एवं इंटरमीडिएट बोर्ड परीक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले मेधावी विद्यार्थियों को सम्मानित किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि परिश्रम, अनुशासन और संस्कार के बल पर हर लक्ष्य हासिल किया जा सकता है तथा युवाओं की प्रतिभा ही विकसित भारत और भारत को पुनः विश्वगुरु बनाने की आधारशिला बनेगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि लगातार तीसरे वर्ष मेधावी विद्यार्थियों को सम्मानित करने का अवसर मिलना उनके लिए गर्व की बात है। उन्होंने विद्या भारती के शिक्षा एवं संस्कार मॉडल की सराहना करते हुए कहा कि संस्था भारतीय संस्कृति, राष्ट्रभक्ति और जीवन मूल्यों पर आधारित शिक्षा देकर देशभर में मजबूत शैक्षिक आधार तैयार कर रही है। उन्होंने बताया कि देशभर में विद्या भारती के माध्यम से लगभग 45 लाख विद्यार्थी शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं, जबकि उत्तराखंड में इसके 562 विद्यालयों में करीब सवा लाख छात्र-छात्राएं अध्ययनरत हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने नई शिक्षा नीति को सबसे पहले लागू कर शिक्षा को आधुनिक, रोजगारपरक और व्यावहारिक बनाया है। स्मार्ट क्लास, मुख्यमंत्री मेधावी छात्र प्रोत्साहन योजना, भारत भ्रमण कार्यक्रम, मॉडल कॉलेज, आईटी लैब और ‘कौशलम्’ कार्यक्रम जैसी योजनाओं से विद्यार्थियों को नई दिशा मिल रही है। उन्होंने कहा कि नकल विरोधी कानून लागू होने के बाद भर्ती प्रक्रियाओं में पारदर्शिता आई है और पिछले पांच वर्षों में 34 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरियां मिली हैं। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने आनंद स्वरूप आर्य सरस्वती विद्या मंदिर शिशु वाटिका का लोकार्पण भी किया।

इस अवसर पर केंद्रीय संगठन मंत्री विद्या भारती डोमेश्वर साहू, आईआईटी रुड़की के निदेशक कमल किशोर पंत, जिला पंचायत अध्यक्ष किरण चौधरी, मेयर अनीता अग्रवाल, जिलाधिकारी मयूर दीक्षित, एसएसपी नवनीत सिंह भुल्लर आदि मौजूद  रहे।

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