देहरादून। मुख्यमंत्री  पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में गुरुवार को हुई कैबिनेट बैठक में पशुपालन, शिक्षा, पर्यटन, स्वास्थ्य, कार्मिक कल्याण और आधारभूत ढांचे से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। बैठक में राज्य को पूर्ण साक्षर घोषित करने, चारधाम यात्रा में संचालित घोड़ा-खच्चरों के बीमा प्रीमियम में सरकारी हिस्सेदारी बढ़ाने तथा उपनल कर्मियों को समान कार्य के लिए समान वेतन देने जैसे अहम निर्णय लिए गए।

कैबिनेट ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अनुरूप उत्तराखंड को पूर्ण साक्षर राज्य (फुली लिटरेट स्टेट) घोषित करने के प्रस्ताव को मंजूरी प्रदान की। वहीं पशुपालन क्षेत्र में दुग्ध उत्पादन बढ़ाने के उद्देश्य से गौवंशीय पशुओं में भ्रूण प्रत्यारोपण तकनीक के माध्यम से नस्ल सुधार की पायलट परियोजना को भी स्वीकृति दी गई।

चारधाम यात्रा मार्गों पर संचालित घोड़ा-खच्चर स्वामियों को राहत देते हुए सरकार ने उनके बीमा प्रीमियम का 20 प्रतिशत हिस्सा स्वयं वहन करने का  निर्णय लिया है। इससे लगभग 15 हजार पंजीकृत अश्ववंशीय पशुओं के स्वामियों को लाभ मिलेगा।

राज्य आंदोलनकारियों और उनके आश्रितों को 10 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण से संबंधित मामलों में भी कैबिनेट ने राहत प्रदान की है। कुछ भर्ती परीक्षाओं में निर्धारित समय के बाद आरक्षण प्रमाणपत्र प्रस्तुत करने वाले पात्र अभ्यर्थियों को दस्तावेज सत्यापन के दौरान एक बार अवसर दिए जाने का निर्णय लिया गया।

मंत्रिमंडल ने बिटुमिन की कीमतों में हुई वृद्धि को देखते हुए लोक निर्माण विभाग के अनुबंधों में मूल्य समायोजन की अनुमति भी दी है। इसके अलावा त्रिवर्षीय आबकारी नीति में तकनीकी संशोधन, सेलाकुई स्थित सगंध पौधा केंद्र में अत्याधुनिक एएमएस मशीन के संचालन के लिए पांच विशेषज्ञ पदों के सृजन तथा अंतरराष्ट्रीय हिमालयन कार रैली के आयोजन के लिए संस्था चयन को भी मंजूरी दी गई।

बैठक में उपनल के माध्यम से कार्यरत कार्मिकों को समान कार्य के लिए समान वेतन देने संबंधी पात्रता की कटऑफ तिथि में संशोधन पर सहमति जताई गई। साथ ही उत्तराखंड कारागार संशोधन नियमावली-2026, कारापाल अधीनस्थ सेवा नियमावली-2026 और संस्कृत शिक्षा संशोधन विनियमावली-2026 को भी स्वीकृति प्रदान की गई।

स्वास्थ्य क्षेत्र में राज्य सरकार स्वास्थ्य योजना (गोल्डन कार्ड) के तहत विभिन्न अस्पतालों में लंबित भुगतान के निस्तारण के लिए स्वास्थ्य विभाग को वित्तीय सहायता उपलब्ध कराने का निर्णय लिया गया। वहीं लंबे समय से लंबित किशाऊ बहुउद्देशीय बांध परियोजना पर राज्यों के बीच सहमति बनने पर कैबिनेट ने प्रधानमंत्री और गृह मंत्री के प्रति आभार भी व्यक्त किया।

कैबिनेट के इन फैसलों को राज्य में शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यटन, पशुपालन और प्रशासनिक व्यवस्थाओं को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

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