देहरादून। पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में गुरुवार  सचिवालय में आयोजित कैबिनेट बैठक में सरकार ने 18 महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी। बैठक में प्रशासनिक, परिवहन, शिक्षा, वन एवं वित्तीय मामलों से जुड़े कई अहम फैसले लिए गए, जिनका सीधा असर प्रदेश के विकास और रोजगार पर पड़ेगा।

कैबिनेट के प्रमुख निर्णय इस प्रकार हैं:

परिवहन विभाग में प्रवर्तन अधिकारियों के लिए नई वर्दी को मंजूरी दी गई है। साथ ही विभाग के लिए 250 नई बसों की खरीद को स्वीकृति मिली है। जीएसटी दरों में बदलाव के चलते अब 100 के बजाय 109 बसें खरीदी जाएंगी।

कुंभ मेले के कार्यों के लिए वित्तीय अधिकारों का निर्धारण किया गया है। इसके तहत 1 करोड़ रुपये तक के कार्य मेला अधिकारी, 5 करोड़ तक के कार्य गढ़वाल आयुक्त और इससे अधिक के कार्य शासन स्तर पर स्वीकृत किए जाएंगे।

उद्योग विभाग में दरों में वृद्धि करते हुए इसे 7 रुपये प्रति कुंतल से बढ़ाकर 8 रुपये प्रति कुंतल कर दिया गया है। वहीं वित्त विभाग के अंतर्गत आबकारी नीति में 6 प्रतिशत दर को राज्य कर विभाग द्वारा अपनाने का निर्णय लिया गया।

वन विभाग में भर्ती से जुड़े नियमों में बदलाव करते हुए वन दरोगा की आयु सीमा 21 से बढ़ाकर 35 वर्ष कर दी गई है, जबकि वन आरक्षी के लिए आयु सीमा 18 से 25 वर्ष तय की गई है। इसके अलावा डी श्रेणी के ठेकेदारों की कार्य सीमा 1 करोड़ से बढ़ाकर 1.50 करोड़ कर दी गई है।

वन क्षेत्र से जुड़े इलाकों में मानव-वन्यजीव संघर्ष को कम करने के उद्देश्य से मधुमक्खी पालन नीति को मंजूरी दी गई है। साथ ही “मधुमक्खी आधारित आजीविका योजना 2026” को भी स्वीकृति दी गई, जिससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।

शिक्षा क्षेत्र में भी कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए हैं। मदरसा मान्यता नियमों में बदलाव करते हुए कक्षा 1 से 8 तक के 452 मदरसों को जिला स्तर से मान्यता देने का प्रावधान किया गया है, जबकि कक्षा 9 से 12 तक के मदरसों को उत्तराखंड बोर्ड से मान्यता लेना अनिवार्य होगा।

कार्मिक विभाग ने प्रतीक्षा सूची (वेटिंग लिस्ट) की वैधता को अब अधिकतम एक वर्ष तक सीमित कर दिया है। इसके अलावा सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुरूप विशेष शिक्षकों की अर्हता तय करते हुए संबंधित नियमावली को मंजूरी दी गई है।

लोक निर्माण विभाग (PWD) में वर्ष 2023 की जेई भर्ती से संबंधित 6 नए पद सृजन को स्वीकृति मिली है। वहीं वर्कचार्ज कर्मचारियों से जुड़े मामले में हाईकोर्ट के स्टे की जानकारी कैबिनेट के संज्ञान में लाई गई।

इसके अतिरिक्त, मुख्यमंत्री उच्च शिक्षा शोध प्रोत्साहन योजना का दायरा बढ़ाते हुए अब 21 अशासकीय कॉलेजों को भी इसका लाभ देने का निर्णय लिया गया है।

कैबिनेट के इन फैसलों को प्रदेश में प्रशासनिक सुधार, रोजगार सृजन और बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

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