देहरादून। धर्मपुर चौक स्थित सिद्धपीठ प्राचीन श्री शिव मंदिर में श्रावण मास के अवसर पर चल रहे श्री शिव महापुराण ज्ञान महायज्ञ में कथा व्यास आचार्य सुभाष जोशी ने श्रद्धालुओं को जीवन को सार्थक बनाने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि शिव महापुराण के अनुसार जीवन को ही यज्ञ बना लेना सर्वोत्तम यज्ञ है।

आचार्य ने कहा कि यज्ञ केवल अग्नि में आहुति तक सीमित नहीं, बल्कि अपने कर्म, विचार और सेवा को लोककल्याण में समर्पित करना भी यज्ञ है। स्वार्थ से ऊपर उठकर समाज, प्रकृति और जरूरतमंदों की सेवा से जीवन शिवमय बनता है। उन्होंने बताया कि क्रोध, अहंकार और नकारात्मकता का त्याग कर प्रेम, करुणा और परोपकार को अपनाना ही जीवन यज्ञ की सार्थकता है।

‘ॐ नमः शिवाय’ से गूंजा मंदिर परिसर

यज्ञ के दौरान श्रद्धालुओं ने “ॐ नमः शिवाय” मंत्र का जाप करते हुए आहुतियां अर्पित कीं, जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया। आचार्य ने कहा कि यह पंचाक्षरी मंत्र मन को एकाग्र और शांत करने में अत्यंत प्रभावी है। उन्होंने श्रद्धालुओं से नियमित रूप से शिव स्मरण और मंत्र जाप का आह्वान किया। कथा में बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे और सुख-शांति की कामना की।

वार्षिक उत्सव और भागवत पुराण की दी जानकारी

यज्ञ के बाद मंदिर समिति के प्रधान सीताराम भट्ट ने आगामी 1 सितंबर 2026 को मंदिर में होने वाले वार्षिक उत्सव एवं श्रीमद्भागवत पुराण कथा के आयोजन की विस्तृत जानकारी श्रद्धालुओं को दी। उन्होंने सभी श्रद्धालुओं से आयोजन में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होने का आह्वान किया।

कथा के समापन के बाद मंदिर परिसर में विशाल भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया।

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