गोपेश्वर (चमोली)। चमोली जिले के जैसाल गांव की निवासी रीना देवी जंगल में चारा-पत्ती लेने गई थी। जहां पैर फिसलने से वह गहरी खाई की ओर गिर गईं और गंभीर रूप से घायल हो गईं। ग्रामीणों ने तत्परता दिखाते हुए उन्हें जिला अस्पताल गोपेश्वर पहुंचाया। चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार के बाद उनकी नाजुक हालत को देखते हुए उन्हें हायर सेंटर रेफर कर दिया।

परिजनों का आरोप है कि रेफर किए जाने के बावजूद एयर एम्बुलेंस की व्यवस्था होने में करीब तीन घंटे लग गए। इस दौरान घायल महिला अस्पताल में उपचाराधीन रही और परिजन लगातार एयर एम्बुलेंस का इंतजार करते रहे।

मामले की जानकारी मिलने पर पूर्व कैबिनेट मंत्री राजेंद्र भंडारी जिला अस्पताल पहुंचे और एयर एम्बुलेंस की व्यवस्था में हो रही देरी पर अस्पताल प्रशासन से जानकारी ली। इस दौरान उनकी कुछ कर्मचारियों के साथ तीखी बहस भी हुई। बाद में महिला को सड़क मार्ग से गोचर हवाई पट्टी पहुंचाया गया, जहां से एयर एम्बुलेंस के जरिए देहरादून के लिए रवाना किया गया।

घटना के बाद स्थानीय लोगों ने पर्वतीय क्षेत्रों की स्वास्थ्य व्यवस्थाओं पर चिंता जताई है। उनका कहना है कि गंभीर मरीजों के लिए जिला अस्पतालों में विशेषज्ञ सुविधाओं और पर्याप्त संसाधनों का अभाव है।  इसके चलते अधिकांश मामलों में मरीजों को देहरादून या अन्य बड़े अस्पतालों के लिए रेफर करना पड़ता है। ग्रामीणों ने कहा कि दुर्गम क्षेत्रों से मरीजों को अस्पताल तक पहुंचाना ही बड़ी चुनौती है। ऐसे में एयर एम्बुलेंस जैसी आपातकालीन सेवाओं में देरी होने से मरीजों की जान जोखिम में पड़ सकती है।

स्थानीय नागरिकों ने सरकार से जिला अस्पतालों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं से लैस करने और एयर एम्बुलेंस सेवा की उपलब्धता को अधिक त्वरित एवं प्रभावी बनाने की मांग की है, ताकि आपात स्थिति में मरीजों को समय पर उपचार मिल सके।

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