हरिद्वार। धर्मनगरी के पावन प्रांगण में पत्रकारिता जगत ने एक नया इतिहास रच दिया है! 🚩 विघ्नहर्ता भगवान श्री गणेश चतुर्थी और राष्ट्रभाषा हिंदी दिवस के पावन व मंगलकारी संयोग पर उत्तराखंड पत्रकार यूनियन का विधिवत विलय उत्तराखंड श्रमजीवी पत्रकार यूनियन ( संबद्ध IFWJ) में हो गया।
यह ऐतिहासिक घोषणा कनखल स्थित पावन स्थल मानव कल्याण आश्रम में हुई। इस अवसर का आध्यात्मिक महत्व रेखांकित करते हुए यूनियन के जिला अध्यक्ष संजय आर्य और जिला महासचिव अमित कुमार गुप्ता ने कहा कि आज का दिन पत्रकारिता के इतिहास में स्वर्णिम अक्षरों में दर्ज हो गया है। पत्रकार हितों के संरक्षण और जन सरोकार की पत्रकारिता के लिए उत्तराखंड पत्रकार यूनियन का आज देश में पत्रकारों की सबसे बड़ी यूनियन उत्तराखंड श्रमजीवी पत्रकार यूनियन में विधिवत विलय कर दिया गया। प्रथम पूज्य गणेश जी की चतुर्थी, हिंदी दिवस और बप्पा की ननिहाल कनखल की पवित्र भूमि—इससे अधिक शुभ संयोग और क्या हो सकता है! यह विलय पत्रकारों की आवाज को हिमालय जैसी मजबूती देगा। इस अवसर पर उत्तराखंड श्रमजीवी पत्रकार यूनियन और उत्तराखंड पत्रकार यूनियन के साथियों ने एक दूसरे का स्वागत किया।
यूनियन के कार्यकारी प्रांतीय अध्यक्ष अविक्षित रमन, वरिष्ठ प्रांतीय उपाध्यक्ष डॉ. रजनीकांत शुक्ल, वरिष्ठ सदस्य अनिरुद्ध भाटी, पूर्व प्रेस क्लब अध्यक्ष संजय रावल, प्रेस क्लब पूर्व महामंत्री महेश पारिक, गोस्वामी गगनदीप और संजय संतोषी ने खुले दिल से नए साथियों का स्वागत किया और पत्रकारों के हक व सम्मान की लड़ाई पूरी ताकत से लड़ने का संकल्प दोहराया।
उत्तराखंड पत्रकार यूनियन के जिला अध्यक्ष प्रमोद गिरी ने विलय की घोषणा करते हुए कहा कि हमें गर्व है कि हम पत्रकारों के हितों के लिए राष्ट्रीय स्तर पर संघर्षरत सबसे बड़ी यूनियन का हिस्सा बने हैं। अब कलम के सिपाहियों की ताकत दोगुनी हो चुकी है।
उत्तराखंड पत्रकार यूनियन के महामंत्री महावीर सिंह नेगी ने विलय के अवसर पर कहा कि सभी साथियों के गहन विचार-विमर्श के बाद यह ठोस कदम उठाया गया है। पत्रकारिता के सामने खड़ी हर चुनौती का अब हम एकजुट होकर सामना करेंगे।
उत्तराखंड पत्रकार यूनियन के उत्तराखंड श्रमजीवी पत्रकार यूनियन में विलय के लिए हुई बैठक में वरिष्ठ पत्रकार मुदित अग्रवाल, अश्विनी अरोड़ा, रविंद्र सिंह, डॉ. पंकज कौशिक, रामेश्वर दयाल शर्मा, रूपेश वालिया, मनीष कुमार, आवेश अंसारी, दीपक मौर्या, रितेश तिवारी, सुरभि गुप्ता, चंद्रशेखर गोस्वामी, विशाल गोस्वामी, प्रवीण पेंग्वाल और कुलदीप उर्फ काका ने भी अपने विचार रखे और इस एकता को मील का पत्थर बताया। वहीं विनय शर्मा, संकेत वालिया, वासुदेव और मनीषा सूरी ने भी इस विलय का गर्मजोशी से स्वागत किया।
गंगा की पावन धरा कनखल से उठी यह एकजुटता की गूंज पूरे उत्तराखंड में कलमकारों के भीतर नया जोश और आत्मविश्वास भर गई है।
