पौड़ी : उत्तराखण्ड की बेटियां विभिन्न क्षेत्रों में लगातार अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा रही हैं। इसी कड़ी में पौड़ी गढ़वाल जिले की लेफ्टिनेंट कमांडर प्रियंका गुसाईं ने 314 दिनों में 25,500 नॉटिकल माइल्स की वैश्विक समुद्री यात्रा पूरी कर नया इतिहास रच दिया है। उनकी इस उपलब्धि पर प्रदेशभर में खुशी का माहौल है और उन्हें लगातार बधाइयां मिल रही हैं।

मूल रूप से पौड़ी जिले के थलीसैंण ब्लॉक के भटकोट गांव की रहने वाली प्रियंका गुसाईं विश्व की पहली सर्व-महिला त्रि-सेवा वैश्विक समुद्री परिक्रमा अभियान का हिस्सा रहीं। भारतीय सेना, नौसेना और वायुसेना की नौ महिला अधिकारियों का संयुक्त दल 11 सितंबर 2025 को मुंबई से स्वदेशी पाल नौका IASV-50 त्रिवेणी पर सवार होकर विश्व भ्रमण के लिए रवाना हुआ था। अभियान को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया था।

करीब दस महीने तक चले इस चुनौतीपूर्ण अभियान के बाद दल 22 जुलाई 2026 को मुंबई लौट आया। इस दौरान टीम ने लगभग 25,500 नॉटिकल माइल्स की समुद्री यात्रा पूरी की। अभियान के दौरान चार महासागरों को पार किया गया और भूमध्य रेखा को दो बार लांघा गया। इसके अलावा दल ने विश्व के तीन प्रमुख केप—केप हॉर्न, केप ऑफ गुड होप और केप लीविन—को भी सफलतापूर्वक पार किया।

समुद्री यात्रा के दौरान टीम ने 12 मीटर तक ऊंची लहरों, भीषण तूफानों और प्रतिकूल मौसम जैसी कठिन परिस्थितियों का सामना करते हुए अभियान को सफल बनाया। इस उपलब्धि को भारतीय नौसेना और देश के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।

लेफ्टिनेंट कमांडर प्रियंका गुसाईं ने देहरादून स्थित डीआईटी से सिविल इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी की। वर्ष 2017 में उन्होंने भारतीय नौसेना में कमीशन प्राप्त किया। उनके पिता हर्ष गुसाईं गढ़वाल राइफल्स से सूबेदार पद से सेवानिवृत्त हैं, जबकि माता नीरजा गुसाईं गृहिणी हैं।

प्रियंका की इस उपलब्धि ने न केवल उत्तराखण्ड बल्कि पूरे देश का गौरव बढ़ाया है। उनकी सफलता युवा पीढ़ी, विशेषकर बेटियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनी है।

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