गौचर (चमोली)। जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट) चमोली, गौचर में पांच दिवसीय समर कैंप एवं हस्तलेखन कार्यशाला का शुभारंभ हुआ। कार्यशाला के माध्यम से बच्चों की हस्तलेखन कला में सुधार लाकर उनकी लेखन शैली को अधिक सुंदर, स्पष्ट और प्रभावी बनाना है।

कार्यक्रम का उद्घाटन करते हुए प्राचार्य आकाश सारस्वत ने कहा कि सुंदर और स्पष्ट लिखावट न केवल व्यक्ति के आत्मविश्वास को बढ़ाती है, बल्कि परीक्षा में बेहतर प्रदर्शन करने में भी सहायक होती है। उन्होंने बताया कि संस्थान की ओर से यह समर कैंप लगातार चैथी बार आयोजित किया जा रहा है, जो शिक्षा के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण नवाचार है। कहा कि भावी अध्यापकों का लेखन सुंदर एवं स्पष्ट होना चाहिए, क्योंकि शिक्षक की लिखावट का सीधा प्रभाव विद्यार्थियों पर पड़ता है। उन्होंने इस बात की विशेष सराहना की कि कक्षा 6, 7 और 8 के विद्यार्थी स्वयं स्नातक युवाओं एवं डीएलएड प्रशिक्षुओं को प्रशिक्षण दे रहे हैं, जो शिक्षा जगत में एक प्रेरणादायक पहल है।

कार्यक्रम के समन्वयक डॉ. कमलेश कुमार मिश्र ने बताया कि कार्यशाला 29 जून तक संचालित होगी। इसमें स्थानीय बच्चों के साथ डीएलएड प्रशिक्षु भी भाग ले रहे हैं। उन्होंने कहा कि कार्यशाला का उद्देश्य बच्चों की लिखावट को बेहतर बनाना और उनमें सुंदर लेखन के प्रति रुचि विकसित करना है।

कार्यशाला में मुख्य प्रशिक्षक नरेंद्र गिरि गोस्वामी, दीक्षित, योगेश, बबलू, दीक्षा, भूमिका और लता सहायक प्रशिक्षक के रूप में बच्चों एवं प्रशिक्षुओं को अक्षरों की संरचना, शब्दों की बनावट, लेखन संतुलन और उचित अंतराल की जानकारी व टिप्स देंगे। 

इस दौरान वरिष्ठ संकाय सदस्य रविंद्र सिंह बत्र्वाल, गोपाल प्रसाद कपरूवाण, डॉ. गजपाल राज, सुबोध डिमरी, शशि कंडवाल, प्रभु दयाल, मनोज धपवाल आदि मौजूद रहे।

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